फतेहपुर सीकरी के सांसद राजकुमार चाहर ने शीतगृह संचालकों से कहा कि गरीब आलू किसानों को राहत देने के लिए वह बीस गांव-बीज गांव के रूप में गोद लें। संसद में वह आलू की प्रोसेसिंग यूनिट आगरा में खोलने की मांग कर चुके हैं।
शीतगृह संचालक और आलू किसानों के बीच समस्याओं के निदान के लिए हर महीने बैठक की जाए और आलू किसान को सिंचाई, बुवाई आदि का प्रशिक्षण समय-समय पर दिया जाए। सांसद चाहर ने फेडरेशन ऑफ कोल्ड स्टोरेज एसोसिएशन की डायरेक्ट्री का विमोचन किया।
शीतगृह संचालकों की मांग
- आलू पर ट्रांसपोर्ट सब्सिडी नहीं, भंडारण प्रभार में सब्सिडी दें
- मिड डे मील में पूरे सप्ताह आलू के व्यंजन शामिल किए जाएं
- फिंकने लायक आलू किर्री को सरकार गोशालाओं के लिए ले
- भूसा, चोकर के साथ गोशालाओं में आलू की सप्लाई की जाए
- आलू किसान और चिप्स कंपनियों के बीच बॉयर-सेलर मीट हो
- चिप्स कंपनियों को आलू नहीं मिल रहा, उनके मुताबिक आलू बोए जाएं
‘चिप्स कंपनियों और फेडरेशन के साथ उद्यान विभाग बॉयर-सेलर मीट कराने को तैयार है। आलू किसान कोल्ड स्टोर से आलू जल्दी निकालें, इसके लिएसब्सिडी 30 सितंबर तक है, जिसे 31 अक्तूबर तक बढ़ाने की मांग की है। यह प्रस्ताव शासन को भेज देंगे’ -डॉ. आरके तोमर, संयुक्त निदेशक, उद्यान
‘हॉलैंड से आलू बीज आयात, प्रोसेसिंग यूनिट लगाने, कोल्ड स्टोर के लिए बिजली दरें कम करने के मसले पर केंद्रीय कृषि मंत्री से मुलाकात कर आगराका पक्ष रखेंगे। सब्सिडी आदि के मुद्दे पर जल्द ही मुख्यमंत्री से मिलने जाएंगे’- राजकुमार चाहर, सांसद, फतेहपुर सीकरी