अंतरराष्ट्रीय आलू केंद्र को विभिन्न शर्तों के तहत अनुमति मिल गई है। वन एवं उद्यान मंत्री ने सींगना आलू प्रक्षेत्र का निरीक्षण किया। पेरू का शोध केन्द्र 7.24 करोड़ से बनेगा, जहां क्लाइमेटिक जोन के हिसाब से आलू का बीज तैयार होगा।
आगरा के सींगना स्थित आलू प्रक्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय आलू शोध केंद्र बनेगा। इसका रास्ता सूर सरोवर पक्षी विहार से होकर गुजरेगा। पर्यावरण दृष्टि से संवेदनशील इस क्षेत्र में बैटरी कार चलेंगी। स्वचलित गेट लगेगा। साथ ही, पड़ने वाले प्रभावों का अध्ययन विशेषज्ञ करेंगे। यह निर्णय बुधवार को वन एवं उद्यान दोनों मंत्रियों की बैठक में हुआ।
विज्ञापन
सर्किट हाउस में वन एवं पर्यावरण मंत्री अरुण कुमार सक्सेना और उद्यान एवं कृषि विपणन मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने सींगना में बनने जा रहे आलू शोध केंद्र की सर्किट हाउस में पहले समीक्षा की। फिर सींगना में निरीक्षण करने पहुंचे। तय हुआ कि सूर सरोवर पक्षी विहार की सड़क का आलू शोध केंद्र के लिए उपयोग और प्रभाव का वन्य जीव संस्थान से अध्ययन कराया जाएगा।
शोध केंद्र के लिए करीब 7.24 करोड़ रुपये का प्रस्ताव बना है। उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि प्रदेश में 9 क्लाइमेटिक जोन हैं। सभी क्लाइमेटिक जोन के हिसाब से आलू उत्पादन के लिए अलग-अलग बीज तैयार होंगे। जिनसे आलू किसानों की समृद्धि का रास्ता खुलेगा। इस दौरान उनके साथ अंतरराष्ट्रीय आलू केंद्र, पेरू के प्रशासनिक प्रमुख जेनोथन मैक्की व प्रमुख सचिव बीएल मीणा मौजूद रहे।
निशुल्क मिलेगी 10 हेक्टेयर भूमि
अंतरराष्ट्रीय आलू शोध केंद्र पेरू की शाखा सींगना में खोलने के लिए 99 साल के पट्टे पर निशुल्क 10 हेक्टेयर भूमि राष्ट्रीय बागबानी बोर्ड को दी जाएगी। साथ ही, तीन वर्षों के लिए राजकीय खाद्य विज्ञान प्रशिक्षण केंद्र का भवन भी बागवानी बोर्ड को आवंटित होगा। किसानों को विश्वस्तरीय आलू बीज, गुणवत्ता युक्त उत्पादन और नई तकनीकी जानकारियां मिलेंगी।