इंटरनेशनल लेदर, फुटवियर, कंपोनेंट एंड मशीनरी फेयर मीट एट आगरा का आगाज आज शाम होगा। तीन दिन तक चलने वाले इस फेयर से देश के फुटवियर बाजार में 1500 करोड़ रुपये के कारोबार की नींव रखी जाएगी। मीट एट आगरा का 12 वां संस्करण पहली बार सींगना गांव में बनाए गए आगरा ट्रेड सेंटर में आयोजित किया जाएगा। छह हजार वर्ग मीटर क्षेत्र में 255 स्टॉल लगाए जा रहे हैं।
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आगरा फुटवियर मैन्यूफैक्चरर्स एंड एक्सपोर्टर्स चेंबर के अध्यक्ष और सीएलई नार्थ रीजन चेयरमैन पूरन डावर ने बताया कि चीन, वियतनाम, फ्रांस, इटली, ब्राजील, स्पेन, ताइवान, इंडोनेशिया, बांग्लादेश, जर्मनी, यूनाइटेड किंगडम, अर्जेंटीना समेत यूरोप और अमेरिकी बाजार से कंपनियां इस फेयर में हिस्सा लेने आई हैं। वह फिनिश्ड लेदर की बेहतर गुणवत्ता के साथ फुटवियर कंपोनेंट, केमिकल, मशीनरी का प्रदर्शन करेंगी।
एफमेक के अध्यक्ष पूरन डावर ने बताया कि हर सीजन के लिए मीट एट आगरा बड़े कारोबार की नींव रखता है। इस साल 6 हजार बिजनेस विजिटर्स के आने की उम्मीद है, जबकि 20 हजार स्थानीय कारोबारी भी आ सकते हैं। नई तकनीकी और मशीनरी उन्हें इस फेयर में ही उपलब्ध है।
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फेयर के लिए सुबह 8 से शाम 4 बजे तक मिलेगी बस
कन्वीनर कैप्टन एएस राणा ने बताया कि ट्रेड सेंटर शहर से दूर है, लेकिन वहां तक लोगों की आसानी से पहुंच के लिए सुबह 8 से शाम 4 बजे तक बसें चलेंगी। हरीपर्वत और वाटरवर्क्स से हर एक घंटे पर बस मिलेगी।
हरीपर्वत से सूरसदन, भगवान सिनेमा, खंदारी, आईएसबीटी, सिकंदरा, अरतौनी, रूनकता रूट रहेगा। निर्यातक गोपाल गुप्ता के मुताबिक फेयर के जरिए नई फुटवियर मशीनरी और कंपोनेंट से आगरा के कारोबारी अपग्रेड हो रहे हैं।
तीन दिन का ये है कार्यक्रम
एफमेक महासचिव राजीव वासन ने बताया कि सुबह 10 से शाम 6 बजे तक तीन दिन तक प्रदर्शनी रहेगी। 26 अक्तूबर को शाम 3 बजे उदघाटन सत्र होगा और रात 8 बजे कुंजामल नेशनल कन्वेंशन सेंटर फतेहाबाद रोड पर फैशन शो आयोजित किया जाएगा। 28 अक्तूबर को शाम चार बजे समापन होगा। 27- 28 अक्तूबर को 11 से 1 बजे तक तकनीकी सत्र होंगे, जिसमें पर्यावरण और उद्योगों पर चर्चा की जाएगी।
प्रदेश सरकार के एमएसएमई मंत्री सत्यदेव पचौरी, एससी आयोग अध्यक्ष डॉ. रामशंकर कठेरिया, काउंसिल फार लेदर एक्सपोर्ट चेयरमैन मुख्तारुल अमीन, कमिश्नर अनिल कुमार, डीएम एनजी रवि कुमार, सीएलई उपाध्यक्ष पीआर अकील अहमद, कार्यकारी निदेशक, आर सेल्वम, कार्यसमिति सदस्य हबीब हुसैन, सेंट्रल लेदर रिसर्च इंस्टीट्यूट निदेशक डॉ. बी चंद्रशेखरन उद्घाटन समारोह में मौजूद रहेंगे।
व्हाइट कैटेगरी में रखा जाए शू मेकिंग
एफमेक के उपाध्यक्ष राजेश सहगल, सचिव ललित अरोरा, जितेंद्र त्रिलोकानी और सुनील मनचंदा ने कहा कि जूता उद्योग पूरी तरह से व्हाइट कैटेगरी में आता है। दिल्ली, पंजाब, कर्नाटक आदि प्रदेशों ने शू मेकिंग को व्हाइट कैटेगरी में रखा है।
प्रदेश सरकार ने एक जिला एक उत्पाद योजना में आगरा का जूता रखा है। ऐसे में इसे बढ़ावा देने के लिए शू मेकिंग को व्हाइट कैटेगरी में रखना चाहिए। जूता बनाने के दौरान कोई प्रदूषण नहीं होता। जो कतरन निकलती है, वह महंगी बिकती है। सिंथेटिक जूता बनाने वाले दस्तकारों की कतरन का निस्तारण नगर निगम को करना चाहिए।