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विश्व प्रसन्नता दिवस: हंसना जरूरी है..., फायदे जानकर भी आप भी खिलखिला उठेंगे

Sat, 20 Mar 2021 09:35 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा

सार

मानसिक रोग विशेषज्ञों ने 120 मरीजों पर किया अध्ययन
हंसने-खुश रहने पर तनावग्रस्त लोगों में कम हुई परेशानी
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : पेक्सेल्स
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विस्तार
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ठहाके लगाना किसी औषधि से कम नहीं। इससे चिंता-तनाव छूमंतर हो जाता है, हृदय भी सेहतमंद रहता है। मानसिक रोग विशेषज्ञों के तनाव, चिंता की परेशानी से जूझ रहे 120 मरीजों पर किए एक अध्ययन में पाया गया कि खुलकर हंसने से इनमें से 65 फीसदी लोग ठीक हो गए। विश्व प्रसन्नता दिवस पर जानिए खुश रहने क्या-क्या फायदे हैं?

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आगरा के मानसिक स्वास्थ्य संस्थान एवं चिकित्सालय के डॉ. दिनेश राठौर ने बताया कि ठहाके लगाकर हंसने से एंडोर्फिन हार्मोंस का स्राव होने लगता है। इन हार्मोंस से मस्तिष्क में ऐसे भाव आते हैं कि हम पूरी तरह से स्वस्थ-खुशहाल हैं। इससे तनाव, चिंता और उदासी जैसी परेशानियां धीरे-धीरे कम होने लगती हैं। 

कोरोना महामारी में तनाव, चिंता और उदासी की परेशानी से जूझ रहे 120 कामकाजी लोगों, छात्र और व्यापारियों ने जब लाफिंग थेरेपी का सहारा लिया तो करीब दो सप्ताह बाद ही 65 फीसदी लोग तनाव-चिंतामुक्त पाए गए। वह सकारात्मक सोचने लगे, पर्याप्त नींद और खानपान करने लगे, इससे उनकी सेहत में भी सुधार देखा हुआ।

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तनाव में दवा से ज्यादा ठहाके कारगर: डॉ. गर्ग
वरिष्ठ मनोचिकित्सक डॉ. यूसी गर्ग ने बताया कि कोरोना महामारी में तनाव, चिंता, अवसाद जैसी परेशानी के सबसे ज्यादा मामले आए। तनाव, चिंता के मरीजों में दवा से ज्यादा ठहाके की टिप्स ज्यादा कारगर रहीं। ठहाके लगाने से मानसिक रूप से खुश और स्वस्थ रहने का भाव विकसित होता है, जिससे तनाव-चिंता नहीं रहती।

लाफिंग थेरेपी से सुधरी हृदय की सेहत: डॉ. गुप्ता
हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. राजकुमार गुप्ता ने बताया कि लाफिंग थेरेपी से हृदय की सेहत भी ठीक रहती है। जोर से हंसने से हृदय-मस्तिष्क की नलिकाओं समेत शरीर में तेजी से रक्त का संचार होने लगता है। खुश रहने से मधुमेह और रक्तचाप भी नियंत्रित होता है।  

लाफिंग थेरेपी सत्र में रहती है भीड़: आर्य
पालीवाल पार्क में योग शिक्षक वीरेंद्र आर्य ने बताया कि ठहाके लगाना भी योग का एक आसन है। इससे मानसिक, शारीरिक सेहत सुधरती है। पालीवाल पार्क में इस सत्र में 30 से 40 बुजुर्ग और महिलाएं शामिल होते थे। कोरोना महामारी के कारण सत्र में लोगों की संख्या कम हो गई है। 
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ऐसे रह सकते हैं खुश
- 30-40 मिनट तक रोजाना ठहाके लगाकर हंसना। 
- दोस्तों से गपशप करना, मन की बात करना। 
- दूसरों का भला, समाजसेवा करना।
- सकारात्मक सोचें, निराशाजनक बातें न करें।
- पसंदीदा संगीत, चुटकले सुनना और सुनाना।
- योग-ध्यान करना, खुद को सृजनात्मक कार्यों में व्यस्त रखें।
- पुराने दोस्तों-रिश्तेदारों से बात कर यादें ताजा करना।
- आर्थिक-सामाजिक रूप से किसी से खुद की तुलना से बचें।
- कार्यालय के माहौल को बोझिल न बनाएं, व्यवहार कुशल बनें।
- कार्य को लंबित न रखें, दिनचर्या सुधारें।
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