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रुक-रुक कर दिल्ली पहुंची ‘गतिमान’, दो घंटे लेट

Wed, 23 Mar 2016 02:00 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
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रुक-रुक कर दिल्ली पहुंची ‘गतिमान’, दो घंटे लेट - फोटो : अमर उजाला
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मंगलवार को सातवें ट्रायल में गतिमान एक्सप्रेस को रेलवे बोर्ड के अफसरों ने परिचालन, सुरक्षा, समय और सुविधाओं के लिहाज से सफल करार दिया, लेकिन आगरा से दिल्ली वापस लौटते समय बिल्लोचपुरा-रुनकता के बीच गतिमान एक्सप्रेस की चपेट में दो बच्चों की मौत होने से रेलवे अफसरों में हड़कंप मच गया। रेलवे बोर्ड तक इस हादसे की जानकारी पहुंची। कुछ मिनटाें बाद ही गतिमान का ओएचई पेंटो टूट गया। इससे ट्रैक बाधित रहा। पांच ट्रेनें लेट हो गईं। ट्रेन को दिल्ली से आगरा आने पर 12049, आगरा से दिल्ली ट्रैक पर 12050 नंबर दिया गया है।
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मंगलवार सुबह नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से रेलवे बोर्ड के एडीशनल मेंबर ट्रैफिक एससी जट्टी के साथ दिल्ली मंडल के अधिकारी गतिमान एक्सप्रेस से सुबह 8:05 बजे चलकर 9:55 बजे आगरा कैंट पहुंचे। यह गतिमान का सातवां और आखिरी ट्रायल बतया गया है। मथुरा से आगे सिग्नल पर यह ट्रेन 10 मिनट खड़ी रही। आगरा कैंट के प्लेटफार्म नंबर छह पर गतिमान 1.05 घंटे रुकी। इस दौरान आगरा मंडल अधिकारियों ने ट्रेन में पानी की व्यवस्थाओं, ट्रैक और कॉशन आर्डर में आ रही बाधाओं पर चर्चा की। रेलवे बोर्ड सदस्य ने संकेत दिए कि ट्रेन अप्रैल में दौड़ सकती है।

गाड़ी संख्या    ट्रेन     लेट    स्टेशन पर रुकी
18477    उत्कल एक्सप्रेस    2.55 घंटे    फरह
12617    मंगला एक्सप्रेस    2.50 घंटे    कीठम
12625    केरला एक्सप्रेस    2.55 घंटे    रूनकता
12403    इलाहाबाद-मथुरा    2.35 घंटे    आगरा कैंट
12647    कांगो एक्सप्रेस        2.30 घंटे    भांडई

169.5 किमी की स्पीड तक दौड़ी गतिमान
नई दिल्ली से आगरा तक 16 कॉशन आर्डर होने के बाद भी गतिमान एक्सप्रेस ने फरीदाबाद-मथुरा के सबसे अच्छे ट्रैक पर 169.5 किमी प्रति घंटे की रफ्तार पकड़ी। सुबह 8:05 से नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से चली गतिमान एक्सप्रेस 9:55 पर आगरा कैंट पहुंची।
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15 कोच की पूरी ट्रेन वाई-फाई
पूर्व में हजरत निजामुद्दीन से गतिमान के ट्रायल किए गए थे और तब 90 मिनट में आगरा तक का सफर पूरा करने की कोशिश की गई थी, लेकिन बाद में इसे नई दिल्ली स्टेशन से चलाने की रेल मंत्री सुरेश प्रभु की इच्छा के चलते बदलाव किए गए। पूरी तरह से एयरकंडीशन गतिमान एक्सप्रेस में 12 कोच, 2 एसएलआर और एक एक्जीक्यूटिव कोच लगाकर ट्रायल किया गया। गतिमान में शताब्दी और राजधानी एक्सप्रेस की तरह सीटें और कोच लगाए गए हैं, वहीं पूरी ट्रेन वाई-फाई रहेगी और इसकी टिकट में ही रिफ्रेशमेंट शामिल होगा।

राजामंडी से कैंट तक स्पीड बनाए रखना मुश्किल
रेलवे सूत्रों के मुताबिक, गतिमान की राह में सबसे बड़ा रोड़ा राजा की मंडी रेलवे स्टेशन से लेकर आगरा कैंट तक की लाइन है। राजा की मंडी पर ट्रैक का घुमाव है, इस वजह से ट्रेन की स्पीड बेहद कम करनी पड़ती है। इसके बाद के ट्रैक पर स्पीड मुश्किल है। ऐसे में इस दूरी में ही लगने वाला समय कम नहीं हो पा रहा। इस समय को पूरा करने के लिए गतिमान ने फरीदाबाद से मथुरा के बीच ही 169.5 किमी की स्पीड पकड़ी, जबकि इसे 160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलाया जाना है।

गतिमान में एंट्री सिंगल प्वाइंट पर होगी और म्यूजिक, वाई-फाई सुविधा मिलेगी। जो कॉशन आर्डर हैं, उन्हें दूर किया जा रहा है। हर ट्रायल में इसने 160 किमी की रफ्तार पकड़ी है। यह कब चलेगी, इसका निर्णय रेलवे बोर्ड को करना है।
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- प्रभाष कुमार, डीआरएम
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