होमगार्ड पिता राजेश ने बताया कि उसकी बेटी एमटीएस स्कूल की छात्रा थी। उसका गुरुवार को इंटरमीडिएट की परीक्षा थी। परीक्षा के लिए घर पर ही तैयारी कर रही थी। बोर्ड परीक्षा के लिए प्रवेश पत्र दिलाने के लिए पिता को तीन चक्कर लगाने पड़े थे।
20 हजार फीस जमाकर लाए प्रवेश पत्र
छात्रा के पिता ने बताया कि प्रवेश पत्र से पहले 20 हजार रुपये फीस भी जमा कराई गई थी। उनका कहना है कि उन्हें क्या पता था कि ऐसा हो जाएगा। जबकि अंजलि के लिए कोई कमी नहीं छोड़ रहे थे। सीओ सदर प्रवीण मलिक ने बताया कि आत्महत्या का कारण पता नहीं चल सका है।
चार भाई-बहनों में तीसरे नंबर की थी अंजलि
राजेश की दो बेटियां और दो बेटे हैं। सबसे बड़ी बेटी सुजाता की शादी हो चुकी है। दूसरे नंबर का बेटा अनुराग है। तीसरे नंबर की बेटी अंजलि थी। इससे छोटा भाई लवकुश है। पिता ने बताया कि पढ़ाई में बेटी मध्यम ही थी। लेकिन वह इंटरमीडिएट की परीक्षा की पूरी तैयारी कर रही थी।
कुछ दिन से बेटी के व्यवहार में बदलाव दिख रहा था। इसके चलते वह और उनकी पत्नी पूजा देवी पूरी निगाह रखे हुए थे। अंजलि चिड़चिड़ी भी हो गई थी। ऐसा कदम उठा लेगी, ये उम्मीद नहीं थीं। हालांकि बच्चों के लिए वह और उनकी पत्नी कोई कमी नहीं छोड़ रहे थे।
पुलिस कई एंगल से कर रही है जांच
पुलिस इस मामले में कई एंगल से जांच कर रही है। इसमें परीक्षा का दबाव, मानसिक परेशानी, धरेलू विवाद आदि पर नजर रखी जा रही है। साथ ही पुलिस ने स्कूल प्रबंधन से पूछताछ करने के अलावा दोस्तों से भी पूछताछ की है।