सर्जरी और ड्रेसिंग का सामान भी मिला
झोलाछाप की दुकान पर इलाज की रेट लिस्ट चस्पा थी। वहां सर्जरी भी की जाती थी। अपंजीकृत चिकित्सक सेल के नोडल अधिकारी डॉ. पीयूष जैन ने बताया कि दुकान में सर्जरी और ड्रेसिंग का सामान भी मिला है। यहां बवासीर और भगंदर का ऑपरेशन भी किया जाता था।
ये लगी थी मरीज देखने की रेट लिस्ट
बवासीर: 100 रुपये
भंगदर: 50 रुपये
टांके: 50 रुपये
ड्रेसिंग: 20 रुपये
इंजेक्शन: 20 रुपये
टीम को ये मिली स्थिति:
बिना बोर्ड के देख रहा था मरीज
नगला परसोती में टीम ने एक घर में बनी दुकान में दो मरीज मिले। दुकान पर कोई बोर्ड नहीं लगा था। यहां सुरजीत कुमार इलाज कर रहा था। टीम के पूछने पर खुद को हाईस्कूल पास बताया। इंटर कभी पास तो कभी फेल के बारे में बताता। अलमारी में दवाएं भरी हुई थीं। बायोमेडिकल वेस्ट बिखरा पड़ा था।
फूलमाला हॉस्पिटल
बोर्ड पर डाॅ. बंगाली और इसके नीचे डॉ. मलकर लिखा था। अंदर कुलदीप नामक झोलाछाप मरीजों का इलाज कर रहा था। सात मरीज मिले। यहां बेड भी थे। इसमें बच्चों को ड्रिप लगाने की तैयारी चल रही थी। इसकी पत्नी नर्स है। सिरप, एंटीबायोटिक दवा और एस्टोरायड दवाएं भी मिलीं।
अंजलि क्लीनिक
बोर्ड पर डॉ. राय बंगाली का नाम दर्ज था। यहां दो मरीज इलाज कराते मिले। संदीप कुमार नामक युवक मरीजों का इलाज कर रहा था। पूछने पर उसने बताया कि वह स्नातक कर रहा है। पढ़ाई के साथ मरीज भी देख लेता है। अलमारी में दवाएं भरी हुई थीं। बायोमेडिकल वेस्ट भी मिला।
(जैसा कि अपंजीकृत चिकित्सक सेल के नोडल प्रभारी डॉ. पीयूष जैन ने बताया)