फ्लाइट छूटने के दौरान हुए नुकसान की बीमा कंपनी ने भरपाई नहीं की। पीड़ित ने जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग द्वितीय में वाद दायर किया। आयोग के अध्यक्ष आशुतोष और सदस्य पारुल काैशिक ने टाटा एआईजी जनरल इंश्योरेंस कंपनी को सेवा में कमी के आधार पर दंपती को 1.70 लाख रुपये देने के आदेश दिए। साथ ही मानसिक कष्ट और वाद व्यय के रूप में 15 हजार रुपये अलग से देने होंगे।
थाना हरीपर्वत क्षेत्र ओल्ड विजय नगर निवासी कपिल मित्तल और उनकी पत्नी शिवि मित्तल ने संयुक्त रूप से आयोग में वाद दायर किया था। आरोप लगाया था कि टाटा एआईजी जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड से यूरोप टूर के लिए यात्रा बीमा पॉलिसी ली थी। 4 फरवरी 2020 को यूरोप की यात्रा की। 9 फरवरी 2020 को उन्हें पराग्वे से वियना के लिए ऑस्ट्रेलियन एयरलाइन की उड़ान से लौटना था। वहां से एयर इंडिया की कनेक्टिंग फ्लाइट से नई दिल्ली आना था।
आरोप लगाया था कि पराग्वे से वियना जाने वाली उड़ान में देरी हो गई। इस वजह से उनकी कनेक्टिंग फ्लाइट छूट गई और उनका सामान भी एयरलाइन के पास रह गया। बिना कपड़ों के होटल में रुकने और खाने-पीने में दंपती के अनावश्यक रुपये खर्च हुए थे। उन्होंने पॉलिसी के तहत कंपनी में क्लेम किया तो मात्र 7,432 रुपये दिए थे।