आगरा। कोविड से युवक की मौत के बाद बीमा कंपनी ने क्लेम नहीं दिया। मृतक की पत्नी ने जिला उपभोक्ता प्रतितोष विवाद आयोग प्रथम में वाद दायर किया। आयोग के अध्यक्ष सर्वेश कुमार और सदस्य पारुल कौशिक ने भारतीय जीवन बीमा निगम से 2 लाख रुपये का चेक जमा कराकर पीड़िता को सौंप दिया।
मलपुरा थाना क्षेत्र के जगनेर रोड अजीजपुर निवासी निवासी निधि उपाध्याय ने आयोग में वाद दायर किया था। आरोप लगाया कि उनके पति पवन कुमार उपाध्याय ने 27 फरवरी 2019 को भारतीय जीवन बीमा निगम की शाखा-4 राजामंडी से अपनी जीवन की सुरक्षा के लिए एक बीमा पॉलिसी ली थी। इसकी अवधि 16 साल के लिए थी। पॉलिसी में दुर्घटना हित लाभ की रकम 2 लाख रुपये, साल की किस्त 5565 रुपये थी। 21 महीने के बाद उनके पति को कोविड हो गया। उनकी तबीयत दिन प्रतिदिन बिगड़ने लगी। 26 नवंबर 2020 को उनका निधन हो गया। दस्तावेज पूरे कर कंपनी में क्लेम किया। उसके बाद बीमा कार्यालय के चक्कर काटे, लेकिन क्लेम नहीं दिया।