आगरा के बोदला के चर्चित जमीन कांड की विवेचना में दोषी ठहराए गए इंस्पेक्टर आनंदवीर सिंह को डीजीपी मुख्यालय से क्लीन चिट मिल गई है। इस संबंध में सीआईडी (क्राइम इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट) की ओर से रिपोर्ट शासन को भेजी गई थी। चार नए मुकदमे लिखाने की सिफारिश की थी। इसमें थाना जगदीशपुरा के तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक आनंदवीर सिंह भी फंस रहे थे।
डीआईजी सीआईडी अखिलेश कुमार निम ने सीआईडी की विवेचना की अंतिम प्रगति आख्या से संबंधित पत्र विशेष सचिव गृह (पुलिस) को भेजी थी। इसकी एक प्रति कमिश्नरेट आगरा को भेजी गई थी। विवेचना की अंतिम प्रगति आख्या पर मुहर शासन से लगनी है।
सीआईडी ने माना था कि उमा देवी पुलिस की जांच में फर्जी साबित हुईं। उन्होंने जमीन पर कब्जे का केस दर्ज कराया था। एसआईटी की जांच में टहल सिंह के बेटे की बहू नहीं निकली। उसका वारिसान फर्जी था। फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाए गए थे। ऐसे में पुलिस ने कब्जे और डकैती की धारा के तहत कार्रवाई किस आधार पर कर दी।
जमीन कांड में तत्कालीन एसओ जगदीशपुरा जितेंद्र कुमार को जेल जाना पड़ा था। कमिश्नरेट में विवेचना के लिए एसआईटी का गठन किया था। मुकदमे की विवेचना इंस्पेक्टर जगदीशपुरा आनंदवीर सिंह ने एसआईटी के निर्देशन में की थी। सीआईडी ने एसआईटी में शामिल अधिकारियों के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई की संस्तुति की है।
इन मुकदमों की थी संस्तुति
जिस टहल सिंह को उमा देवी ने मृत दर्शाया था वह जिंदा रूप में सामने आया था। सीआईडी ने लुधियाना निवासी टहल सिंह के खिलाफ केस दर्ज करने की संस्तुति की थी। आरोप लगाया गया कि उन्होंने डीड के तहत जमीन को पदम चंद जैन को दे दिया था। अनुचित आर्थिक लाभ प्राप्त करने के लिए कई लोगों को जमीन का बैनामा, एग्रीमेंट, पॉवर ऑफ अटार्नी कर दी। सीआईडी ने जांच में माना कि विवेचना के दौरान गलत आरोपपत्र प्रेषित किया था। इस पर जमीन कांड की विवेचना करने वाले इंस्पेक्टर आनंदवीर सिंह के खिलाफ बीएनएस की धारा 199 व 225 के तहत केस लिखने की संस्तुति की गई। इसके अलावा किशन मुरारी, रवि कुशवाह, सह अभियुक्त राजू एवं बंटू के खिलाफ भी धोखाधड़ी की धारा में केस लिखा जाए। आरोप लगाया गया कि उन्होंने 27 जनवरी 2020 को उप निबंधक सदर पंचम के यहां मुख्तारनामा रजिस्टर्ड कराया। फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र बनाने पर एक केस अजय कुमार सफाई नायक नगर निगम लोहामंडी जोन, परमानंद तत्कालीन सफाई खाद्य निरीक्षक हाल मुख्य सफाई एवं खाद्य निरीक्षक नगर निगम सहारनपुर के खिलाफ लिखाने की संस्तुति की गई है।
पुलिस आयुक्त कार्यालय से भेजी गई थी आख्या
पुलिस आयुक्त दीपक कुमार ने बताया कि रिपोर्ट में आनंदवीर सिंह के खिलाफ मुकदमे की संस्तुति की गई थी। मामले में शासन ने डीजीपी कार्यालय से रिपोर्ट मांगी थी। इस संबंध में कमिश्नरेट की ओर से भी आख्या प्रस्तुत की गई। इसमें बताया गया कि आनंदवीर थाना जगदीशपुरा के प्रभारी निरीक्षक थे। वह एसआईटी के साथ विवेचक थे। वर्तमान में थाना फतेहपुर सीकरी के प्रभारी निरीक्षक हैं।
निरीक्षक आनंदवीर ने केस में चार्जशीट लगाई थी। इस पर कोर्ट संज्ञान ले चुकी है। इस पर सुनवाई चल रही है। अब कोर्ट की ओर से निर्णय लिया जाना है। इस आधार पर डीजीपी कार्यालय ने मुकदमे की संस्तुति को निरस्त कर दिया है। शासन को रिपोर्ट भेज दी गई है।
दो केस दर्ज कर 5 को भेजा था जेल
जगदीशपुरा में बैनारा फैक्टरी के पास करोड़ों की जमीन पर कब्जा किया गया था। इस जमीन पर केयरटेकर के रूप में रहने वाले रवि कुशवाह, संकरिया और ओमप्रकाश को अगस्त 2023 में गांजा बेचने के आरोप में जेल भेजा गया था। अक्तूबर 2023 में आबकारी विभाग के साथ मिलकर जमीन पर तस्करी की शराब की ब्रिकी दिखाई गई थी। रवि कुशवाह की पत्नी पूनम और बहन पुष्पा को जेल भेजा गया था।