अलीगढ़ में बस से गिरकर छात्रा की मौत की घटना के बाद आरटीओ ने स्कूली वाहनों की चेकिंग का अभियान शुरू किया। मगर यह अभियान कागजों में ही चलता रहा। एत्मादपुर में बिना पंजीकरण और परमिट के दौड़ रही खटारा बस को कोई नहीं पकड़ पाया। इस लापरवाही ने छात्रा की जान ले ली।
आरटीओ के मुताबिक, जिले में 1399 स्कूल बसें दौड़ रही हैं। इनमें से 59 अनफिट हैं। इन वाहनों की चेकिंग के लिए जनवरी में 22 टीमें बनी थीं। टीमों को स्कूल में निरीक्षण की जिम्मेदारी दी गई थी। अनफिट वाहनों को चेक करने करने के बाद नोटिस के निर्देश दिए गए थे। इन पर कार्रवाई भी करनी थी। 9 मार्च से 14 मार्च तक अभियान भी चलाया गया। सदर, फतेहाबाद, बाह, किरावली, खेरागढ़, एत्मादपुर में टीमों ने जांच की। फरवरी में की गई कार्रवाई के दौरान 159 बस के चालान किए गए। 28 को सीज कर दिया गया। इसके बावजूद हादसा हो गया। ग्रामीण यही कह रहे थे कि चेकिंग का अभियान कागजों में ही चल रहा था।
मान्यता खत्म होगी, प्राथमिकी दर्ज कराएंगे
मंडलीय शिक्षा निदेशक माध्यमिक डॉ. मुकेश अग्रवाल ने बताया कि डीआईओएस, बीएसए और खंड शिक्षा अधिकारी से जानकारी ली थी। रात में टीम गठित कर स्कूल की जांच के निर्देश दिए हैं। स्कूल के गेट पर लगे बोर्ड पर 11वीं तक का लिखा है जबकि मान्यता कक्षा आठ तक की है। टीम अन्य दस्तावेज भी चेक करेगी। अगर फर्जीवाड़ा पाया जाता है तो प्रबंधन के खिलाफ विभाग की ओर से प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी। मान्यता को भी समाप्त किया जाएगा।
संचालक के घर बंद मिला ताला
पुलिस को पता चला कि संचालक का घर भी स्कूल के बगल में ही बना है। जब पुलिस पहुंची तो घर के गेट पर भी ताला लगा मिला। अंदर कोई नहीं था। आसपास के लोगों ने बताया कि घटना के बाद आरोपी संचालक घर और स्कूल पर ताला लगाकर भाग गए।
प्रबंधन और चालक होंगे नामजद
एआरटीओ प्रशासन आलोक अग्रवाल ने बताया कि चालक का लाइसेंस को निलंबित किया जाएगा। मान्यता रद्द करने की संस्तुति की जाएगी। विभाग की तरफ से भी बच्चों की जान से जानबूझकर खतरे में डालने के मामले में तहरीर दी जा रही है। इसमें प्रबंधन और चालक को नामजद किया जाएगा।
कई बार की थी स्कूल संचालक से शिकायत
नैना के चचेरे बाबा हीरपाल ने बताया कि स्कूल संचालक बस के लिए महीने के 450 रुपये लेता था। बस की हालत ठीक नहीं थी। कई बार बच्चों के अभिभावक स्कूल संचालक से शिकायत कर चुके थे। क्षेत्र की सड़क काफी खराब है। गड्ढे में फंसकर लकड़ी का पटरा गिर गया और हमारी बच्ची की जान चली गई।
15 दिन पहले परिवार में आई थी खुशी
हीरपाल ने बताया कि 15 दिन पहले नैना की चाची को बेटा हुआ था। इस अवसर पर घर में पूजा और भोज हुआ था। नैना परिवार में छोटा भाई आने से बहुत खुश थी।