इनर रिंग रोड की पहले चरण की करीब 10.9 किलोमीटर सड़क लोकार्पण के बाद यातायात के लिए चालू हो गई है। प्राधिकरण ने अब दूसरे चरण के लिए कार्य प्रारंभ कर दिया है लेकिन जमीन पर कब्जा लेने में कई बाधाएं आ रही हैं। इसको लेकर सोमवार को प्राधिकरण कार्यालय में गहन मंथन हुआ।
प्राधिकरण के भू अर्जन विभाग, संपत्ति विभाग और निर्माण विभाग के अधिकारियों के बीच करीब दो घंटे तक मंथन चला। दरअसल, दूसरे चरण में निर्माण कार्य को लेकर किसानों ने रोड़ा अटका दिया है। किसानों का कहना है कि फिलहाल खेतों में फसल खड़ी है। प्राधिकरण यदि जमीन का कब्जा लेगा तो फसल खराब होगी। या तो प्राधिकरण फसल का मुआवजा दे या फिर मार्च तक इंतजार करे। इसे लेकर देवरी के पास किसान नेता श्याम सिंह चाहर के नेतृत्व में धरना प्रदर्शन भी हुआ है।
इसके अलावा एक नई बाधा वहां बिजली के खंभे और मकानों को लेकर है। प्राधिकरण ने अभी तक भवनों के मुआवजे की रणनीति तय नहीं की है। जब तक भवन स्वामियों को मुआवजा नहीं मिलेगा और उनके लिए कोई व्यवस्था नहीं होगी तब तक जमीन का कब्जा मिलना मुश्किल है। खंभों को दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम को हटाना है। खंभे हटाने की प्रक्रिया भी आसान नहीं है। दरअसल, दक्षिणांचल को पहले वैकल्पिक लाइन की व्यवस्था करनी होगी। प्राधिकरण सचिव राजकुमार ने कहा कि निर्माण कार्य में आ रही बाधाओं का हल निकालने की कोशिश की जा रही है। दूसरे चरण को जल्द से जल्द पूरा किया जाएगा।
न्यू दक्षिणी बाईपास पर कट के लिए ग्रामीणों का प्रदर्शन
मलपुरा। नेशनल हाईवे दो और तीन को जोड़ने वाले न्यू दक्षिणी बाईपास रोड पर भांडई रेलवे स्टेशन के पास घुमावदार कट बनवाने की मांग को लेकर सोमवार को ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि जब तक मांग पूरी नहीं होती बाईपास को चालू नहीं होने दिया जाएगा। ग्रामीणों ने बताया है कि वह परियोजना निदेशक भारतीय राजमार्ग प्राधिकरण से भी इस संबंध में बात कर चुके हैं। उन्होंने आश्वासन दिया था लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इससे नाराज ग्रामीणों ने सोमवार को बाईपास पर हंगामा किया। भाजपा नेता गोविंद चाहर ने चेतावनी दी कि अगर आठ दिन में काम शुरू नहीं हुआ तो धरना शुरू किया जाएगा। इस मौके पर रामवीर प्रधान, कैप्टन बच्चू सिंह, उदयवीर, महिपाल, गब्बर, सुल्तान, मांगेला, ज्ञानी विजेन्द्र, घनश्याम, दिनेश आदि मौजूद रहे।