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इनर रिंग रोड: भूमि अधिग्रहण को लेकर किसानों और एडीए अफसरों में तकरार, बैठक का बहिष्कार

Sat, 26 Nov 2022 10:00 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, आगरा

सार

एडीए ने इनर रिंग रोड लैंड पार्सल के लिए 612 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहीत की है। इस जमीन पर अभी तक कब्जा नहीं लिया गया है। इनर रिंग रोड के तीसरे चरण के लिए देवरी, रोहता गांव की जमीन का अधिग्रहण किया गया था लेकिन अब इनर रिंग रोड के तीसरे चरण का निर्माण नेशनल हाईवे अथॉरिटी कर रही है।
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एडीए के अधिकारियों संग किसानों की बैठक - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आगरा के इनर रिंग रोड के लैंड पार्सल और तीसरे चरण के लिए अधिग्रहीत जमीन के संबंध में किसानों की एडीए अफसरों के साथ बैठक बेनतीजा रही। तनातनी होने से एडीए उपाध्यक्ष व सचिव बैठक को बीच में ही छोड़कर चले गए। गुस्साए किसानों ने भी नारे लगाते हुए बहिष्कार कर दिया। इसके बाद कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन करते हुए बेमियादी धरने पर बैठ गए। किसानों ने एडीए अफसरों पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। 

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किसान वर्तमान सर्किल रेट से चार गुना मुआवजे की मांग कर रहे हैं। ऐसा न होने पर अधिग्रहण निरस्त कर जमीन वापस मांग रहे हैं। कमिश्नर अमित गुप्ता की पहल पर शुक्रवार को किसानों और एडीए अफसरों की जयपुर हाउस स्थित प्राधिकरण कार्यालय में बैठक शुरू हुई। किसान नेता श्याम सिंह चाहर के नेतृत्व में बड़ी संख्या में किसान पहुंचे। बैठक में एडीए उपाध्यक्ष चर्चित गौड़ ने स्पष्ट कह दिया कि जमीन वापस नहीं होगी, नियमानुसार मुआवजा मिलेगा। इस पर शोरशराबा होने लगा तो एडीए उपाध्यक्ष और सचिव बैठक बीच में छोड़कर चले गए। अफसरों के इस तरह जाने से गुस्साए किसानों ने बैठक बहिष्कार के बाद कलेक्ट्रेट में बेमियादी धरना शुरू कर दिया है। श्याम सिंह चाहर ने कहा कि जब तक इस मामले का स्थायी हल नहीं होगा तब तक धरना समाप्त नहीं होगा।

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ये है इनर रिंग रोड लैंड पार्सल का मामला

एडीए ने इनर रिंग रोड लैंड पार्सल के लिए 612 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहीत की है। इस जमीन पर अभी तक कब्जा नहीं लिया गया है। इनर रिंग रोड के तीसरे चरण के लिए देवरी, रोहता गांव की जमीन का अधिग्रहण किया गया था लेकिन अब इनर रिंग रोड के तीसरे चरण का निर्माण नेशनल हाईवे अथॉरिटी कर रही है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ने रोड का अलाइनमेंट भी बदल दिया है। इसलिए किसान इस जमीन को वापस चाहते हैं। इस बीच लैंड पार्सल की जमीन पर आगरा विकास प्राधिकरण ने ग्रेटर आगरा की योजना बनाई है। साल 2009 से किसान लैंड पार्सल की जमीन पर मुआवजा और वापसी की मांग का आंदोलन कर रहे हैं।

13 साल में भी नहीं दे पाए मुआवजा

किसान नेता श्याम सिंह चाहर ने कहा कि तीसरे चरण का इनर रिंग रोड एनएचएआई बनाएगा। इसलिए जमीन किसानों को वापस कर दें। जिस जमीन का मुआवजा पांच साल में देना था, उसका 13 साल में भी नहीं दिया। अब जमीन चाहिए तो दोबारा नए सिरे से प्रक्रिया अपनाई जाए और चार गुना मुआवजा मौजूदा सर्किल रेट से दिया जाए। 13 साल से एडीए की मनमानी के कारण किसान भटक रहे हैं। एडीए उपाध्यक्ष चर्चित गौड़ ने बताया कि जमीन वापसी का कोई प्रावधान नहीं है। लैंड पार्सल की जमीन पर ग्रेटर आगरा योजना के लिए भौतिक कब्जा लिया जाएगा। प्राधिकरण प्रतिकर के साथ उस पर ब्याज का भुगतान करेगा। 

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