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हत्या के मामले में जेल में निरुद्ध कैदी की मौत

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कासगंज मृतक कैदी का अनिल दुबे का फाइल फोटो। - फोटो : KASGANJ
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कासगंज। जिला जेल में हत्या के मामले में सजा काट रहे एक कैदी की मौत हो गई। जेल प्रशासन ने कैदी की मौत का कारण डायरिया बताया है। बृहस्पतिवार की रात्रि को कैदी की तबीयत बिगड़ने पर जिला अस्पताल लगाया गया। जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिवार के लोगों ने जेल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है।
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अनिल दुबे (45) निवासी ग्राम कसेला थाना जैथरा जनपद एटा एक वर्ष पूर्व एटा जेल से पचलाना जेल में शिफ्ट किया गया था। अनिल दुबे हत्या के मामले में जेल में निरुद्ध था। जेल प्रशासन के मुताबिक कैदी को उल्टी दस्त शिकायत हुई। उसे जेल के अस्पताल में भर्ती कराया गया। रात्रि के समय तबीयत बिगड़ने पर कैदी को जिला अस्पताल रेफर किया गया। जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। कैदी के भाई गोविंद दुबे ने बताया कि बृहस्पतिवार की सुबह उनकी अनिल से फोन पर बात हुई थी तब उसे कोई परेशानी नहीं थी। शुक्रवार को सुबह जेल प्रशासन का फोन आया कि अनिल दुबे की जिला अस्पताल में मौत हो गई। उन्होंने कहा कि जिला अस्पताल में अनिल दुबे मृत अवस्था में पहुंचे। उनका कहना है कि अनिल की तबीयत इतनी खराब थी तो परिवार के लोगों को पहले सूचना क्यों नहीं दी गई। उन्होंने भाई की मौत की न्यायिक जांच कराने और डॉक्टर के पैनल से पोस्टमार्टम वीडियोग्राफी कराने की मांग की।
चिकित्सकों के पैनल ने किया पोस्टमार्टम
कासगंज। जिला अस्पताल में कैदी अनिल दुबे की मौत के मामले में डीएम के निर्देश पर मृतक कैदी का पोस्टमार्टम पैनल गठित करने के बाद वीडियोग्राफी के साथ कराया गया। परिवार के लोगों ने पैनल के साथ वीडियोग्राफी कराने की मांग की है।
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- कैदी की बृहस्पतिवार दोपहर को उल्टी दस्त होने पर तबीयत खराब हुई। उसे जेल के चिकित्सालय में भर्ती कराया गया। जहां इलाज होने पर आराम मिला, लेकिन रात्रि एक बजे कैदी की तबीयत यकायक बिगड़ गई। उसे जिला चिकित्सालय भेजा गया। जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया- अवध नरायन सिंह, प्रभारी जेल अधीक्षक, जिला कारागार
- कैदी की मौत के मामले में चिकित्सकों के पैनल में वीडियोग्राफी की निगरानी में पोस्टमार्टम किया है, जिससे मौत के स्पष्ट कारणों का पता लग सके। अग्रिम विधिक कार्रवाई की जाएगी- हर्षिता माथुर, जिलाधिकारी।
चिकित्सक को धमकी देने के मामले से चर्चा में आया था अनिल दुबे
एटा। जिला कारागार में हत्या के आरोप में निरुद्ध रहते समय वर्ष 2020 में आगरा के एक चिकित्सक से रंगदारी मांगने और धमकी देने के मामले में अनिल दुबे सुर्खियों में आया था। चिकित्सक ने अनिल दुबे सहित एक और बंदी अनिल पांडेय के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। दुबे को कासगंज और पांडेय को अलीगढ़ जेल में स्थानांतरित कर दिया गया था।
आगरा के डॉ. संजीव यादव से दिसंबर 2020 में एटा जेल से कॉल करके रंगदारी मांगी गई थी। कॉल जैथरा थाना क्षेत्र के गांव निजामाबाद निवासी बंदी अनिल पांडेय ने किया था। जबकि कॉल करने के लिए जेल में ही हत्या के आरोप में निरुद्ध अनिल दुबे का नाम लिखाया गया था। दोनों के खिलाफ चिकित्सक ने कोतवाली नगर में मुकदमा दर्ज करा दिया। 19 जनवरी 2021 को अनिल दुबे को कासगंज और अनिल पांडेय को अलीगढ़ जेल में स्थानांतरित कर दिया गया। तभी से दोनों अलग-अलग जेल में निरुद्ध थे। बंदी के भाई गोविंद दुबे ने बताया कि अनिल दुबे को हत्या के आरोप में मिरहची पुलिस ने जेल भेजा था। जेल में ही उसके साथ अनिल पांडेय ने खेल कर उसको फंसा दिया। इस मामले में भाई को कासगंज जिला जेल स्थानांतरित कर दिया गया था। जेल अधीक्षक अमित चौधरी ने बताया कि मामला उनके कार्यकाल से पहले का है। बंदी का रिकॉर्ड उसके स्थानांतरण के समय कासगंज जिला जेल भेजा जा चुका है। संवाद
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