आगरा। जल जीवन मिशन परियोजना के तहत कासगंज में काम करने वाली आगरा की नामी निर्माण कंपनी पीएनसी इंफ्राटेक लिमिटेड पर भरतपुर निवासी ठेकेदार ने 8.37 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। पीड़ित ठेकेदार ने जान का खतरा जताते हुए राज्यपाल आनंदी बेन पटेल से मदद की गुहार लगाई। राजभवन और गृह विभाग के निर्देश पर आगरा पुलिस कमिश्नरेट ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
मेसर्स अरिहंत ट्रेडिंग कंपनी और बाहुबली प्रोजेक्ट्स के मालिक राजस्थान के भरतपुर कामां निवासी गौरव कुमार जैन का आरोप है कि पीएनसी इंफ्राटेक लिमिटेड को जल जीवन मिशन के तहत कासगंज में काम सौंपा गया। कंपनी ने वर्ष 2021 से 2024 के बीच काम पूरा करने के लिए उनकी फर्मों को वर्क ऑर्डर जारी किए। पीड़ित ने बैंक से लोन लेकर तय समय सीमा और गुणवत्ता के साथ अधिकांश काम पूरा कर दिया।
पीएनसी के तत्कालीन प्रोजेक्ट मैनेजर सतीश सरोहा ने भौतिक सत्यापन और खातों का मिलान करने के बाद कुल 8.37 करोड़ रुपये की बकाया राशि को प्रमाणित भी कर दिया और इसकी सूचना ईमेल से दी। जब उन्होंने पैसा रिलीज करने के लिए संपर्क किया तो कंपनी के डायरेक्टर टीआर राव, एवीपी (वाटर) प्रकाश चंद गुप्ता, एजीएम आरके जैन और प्रोजेक्ट मैनेजर रवि यादव ने भुगतान रोक दिया।
पीड़ित ठेकेदार ने कहा कि जब वह 16 अक्तूबर, 2025 को आगरा स्थित पीएनसी टावर कार्यालय पहुंचे तो अधिकारियों ने भुगतान करने के बजाय उन्हें ऊंची पहुंच की धौंस दिखाते हुए जान से मारने की धमकी दी। कानूनी नोटिस मिलने के बाद कंपनी ने एक सोची-समझी साजिश के तहत अपने पूर्व प्रोजेक्ट मैनेजर पर दबाव बनाया और उनसे सर्टिफिकेशन वापस लेने का झूठा ईमेल भिजवा दिया।
स्थानीय स्तर पर सुनवाई न होने पर पीड़ित ठेकेदार ने राज्यपाल से शिकायत कर मदद की गुहार लगाई। राजभवन ने उचित कार्रवाई के लिए मामला गृह विभाग के पास भेज दिया। गृह विभाग के उप सचिव सत्येंद्र प्रताप सिंह के जांच कर आख्या शासन को उपलब्ध कराने के निर्देश के बाद न्यू आगरा पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।