एलपीजी की किल्लत और बढ़ती कीमतों का असर अब फास्ट फूड और ढाबों के खाने पर भी दिखने लगा है। कई दुकानदारों ने बढ़ती लागत के कारण थाली, छोले-भटूरे और अन्य स्नैक्स के दाम 10 से 30 रुपये तक बढ़ा दिए हैं।
आगरा में एलपीजी की बढ़ती किल्लत और कीमतों ने आम आदमी के लिए दोहरी मार ला दी है। जहां एक ओर गैस की अनुपलब्धता ने छोटे दुकानदारों और ढाबा मालिकों के सामने संकट खड़ा कर दिया है। वहीं दूसरी ओर इसका सीधा असर अब बाजारों में मिलने वाले फास्ट फूड और ढाबों के खाने की कीमतों पर दिखने लगा है। कई दुकानदारों को बढ़ती लागत के कारण लोकप्रिय व्यंजनों के दाम बढ़ा दिए हैं।
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शहर के प्रमुख व्यावसायिक इलाकों जैसे संजय प्लेस, कमला नगर और आईएसबीटी क्षेत्र में कई फास्ट फूड दुकानों और ढाबों पर खाने के दाम 10 से 30 रुपये तक बढ़ा दिए गए हैं। 60 रुपये में मिलने वाली थाली अब 70 रुपये में उपलब्ध है। छोले-भटूरे की कीमत 30-40 रुपये से बढ़कर 40-50 रुपये तक पहुंच गई है। इसी तरह वेज बिरयानी की प्लेट भी 120 रुपये से बढ़कर 140 रुपये प्रति किलो तक बिक रही है।
वहीं समोसे, कचाैड़ी, गोलगप्पे आदि के दाम भी बढ़ाए गए हैं। यह मूल्य वृद्धि विशेष रूप से उन लोगों के लिए चिंता का विषय है जो नियमित रूप से बाहर खाना पसंद करते हैं या जिनके लिए यह एक किफायती विकल्प था। संजय प्लेस में थाली की दुकान लगाने वाले सोनू कुशवाह ने बताया कि गैस सिलिंडर की अनियमित आपूर्ति के साथ ज्यादा कीमत पर सिलिंडर खरीदना पड़ रहा है। ऐसे में लागत बढ़ने से खाने के दाम बढ़ाना मजबूरी बन गया है।
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विवेक कुमार का कहना है कि पहले सस्ता नाश्ता और खाना बाजारों में आसानी से मिल जाता था लेकिन अब एलपीजी की किल्लत से कीमतें बढ़ गई हैं। बाहर खाना महंगा पड़ रहा है।