नैना का फाइल फोटो और विलाप करते परिजन
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आगरा के कुबेरपुर के नगला लाले की नौ वर्षीय मासूम नैना की दर्दनाक मौत के बाद शुक्रवार को पूरा गांव शोक और सन्नाटे में डूबा रहा। जिस आंगन में दो दिन पहले तक बच्चों के खेलने की आवाज गूंजती थीं, वहां अब खामोशी पसरी हुई है। घर के चूल्हे-चौके ठंडे पड़े हैं और आंगन में बर्तन बिखरे दिखाई दे रहे हैं।
परिवार के हर सदस्य की आंखों में आंसू हैं और दिलों में दर्द के साथ गुस्से का गुबार भी उमड़ रहा है। नैना की याद में परिजन की आंखें भी मानो बदल गई हैं। मां सोनम की आंखें रो-रोकर पथरा सी गई हैं और वह अब भी गहरे सदमे में हैं। घटना के बाद से परिवार का कोई सदस्य ठीक से खाना तक नहीं खा पा रहा है। घर का माहौल पूरी तरह मातम में बदल गया है।
नैना की नानी सुनीता देवी जो फिरोजाबाद जिले के गांव गुदाऊ की रहने वाली हैं, बेटी सोनम को सांत्वना दे रही है। उन्होंने बताया कि सोनम जब करीब ढाई साल की थी, तभी उसके पिता की पीलिया की बीमारी से मौत हो गई थी। उनके परिवार में तीन बेटियां दीपा, सोनम और रवीना हैं। सोनम और रवीना की शादी एत्मादपुर क्षेत्र के गांव नगला लाले निवासी स्वर्गीय बनी सिंह यादव के बेटों ब्रह्मजीत और योगेश यादव से हुई है।
सन्नाटे में बदल गईं संकरी गलियां
मासूम नैना की मौत के बाद गांव की संकरी गलियों में भी मातम का सन्नाटा पसरा हुआ है। जहां आम दिनों में बच्चों की चहल-पहल और लोगों की आवाजाही रहती थी, वहां अब खामोशी छाई हुई है। मृतका नैना के बाबा बृजेश यादव ने बताया कि पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया, जिससे परिवार को कुछ हद तक संतोष मिला है।