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Agra News: सरकारी अस्पतालों तक सेंधमारी, चोरी कर की जाती री-लेबलिंग

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आगरा।
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दवा माफिया ने सरकारी अस्पतालों में भी सेंधमारी कर ली है। अवैध गोदाम में ईएसआई अस्पताल की दवाएं बरामद हो चुकी हैं। इनके रैपर पर नॉट फॉर सेल को मिटाकर नई कीमत प्रिंट कर बाजार में खपा रहे थे। सरकारी दवाएं कैसे सिंडिकेट तक पहुंच रही हैं। इसकी गोपनीय जांच हो रही है।

लखनऊ मुख्यालय की टीम ने बीते महीने फव्वारा के झूलेलाल मार्केट में दो अवैध गोदाम पकड़े। इसमें देश-विदेश की 30 से अधिक नामी कंपनियों की सैंपल की दवाएं बरामद कीं। इसमें ईएसआई और सैन्य अस्पताल की दवाएं भी बरामद की हैं। इनको सीज कर दिया है। वरदान मेडिकल एजेंसी के यहां भी टीम ने एंटीबायोटिक जोस्टम-ओ टैबलेट का स्टॉक मिला। इस पर ईएसआई सप्लाई नॉट फॉर सेल लिखा था। इन पर केमिकल से नॉट फॉर सेल को मिटाकर एमआरपी दर्ज कर दी जाती थी। इनको कंपनी की ओर से दिए जाने वाले कमीशन से दो-तीन गुना बढ़ाकर बाजार में बेचते थे। इससे मुनाफा अधिक मिलने पर फुटकर विक्रेता और मरीज आसानी से खरीद करते थे। टीम ने छापे में केमिकल, रैपर समेत अन्य पैकेजिंग सामान भी बरामद किया था। युग फार्मा में इंसुलिन के इंजेक्शन पर भी री-लेबलिंग की गई थी। ये इंजेक्शन शारदा फार्मा से बिना बिल के खरीदे। एफएसडीए की आयुक्त डॉ. रोशन जैकब का कहना है कि सैंपल और सरकारी दवाओं के पैकेट से नॉट फॉर सेल को मिटाकर री-लेबलिंग कर अवैध कारोबार करते थे। आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है।
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सरकारी अस्पताल से चोरी कर माफिया तक पहुंच रहीं दवाएं

माफिया का सरकारी अस्पतालों में भी नेटवर्क मजबूत कर लिया है। एफएसडीए की जांच में सरकारी अस्पताल से दवाएं चोरी हो रही हैं, जो माफिया तक पहुंच रही हैं। इसमें अस्पताल का स्टाफ भी शामिल है। इसके लिए संबंधित अस्पताल और जिलों के अधिकारियों को रिपोर्ट भेज दी है। शासन को भी इसकी रिपोर्ट बनाकर भेजी है।
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