आगरा। टीम इंडिया को टेस्ट क्रिकेट में लगातार मिल रही हार पर पूर्व टेस्ट क्रिकेटर और दिग्गज स्पिनर मनिंदर सिंह ने बड़ा बयान दिया है। आगरा में एक स्कूल के वार्षिक खेल उत्सव में वह आए थे। उन्होंने कहा कि भारतीय खिलाड़ियों का घरेलू (डोमेस्टिक) क्रिकेट से दूर होना टीम की सबसे बड़ी कमजोरी बनता जा रहा है।
उन्होंने कहा कि दक्षिण अफ्रीका और अन्य देशों के खिलाड़ी भारत में खेलने से पहले पिचों को समझकर पूरी तैयारी करते हैं। जबकि भारतीय खिलाड़ी आईपीएल की तेज रफ्तार क्रिकेट में इतने व्यस्त रहते हैं कि डोमेस्टिक क्रिकेट की गहराई और मूलभूत अभ्यास से दूर हो जाते हैं।
मनिंदर ने कहा कि हमारे मैनेजमेंट और खिलाड़ी यह सोचकर चलते हैं कि स्पिनिंग पिच बनेगी तो विपक्षी टीम डर जाएगी, लेकिन भूल जाते हैं कि खेलना तो हमें भी उसी पर होता है। जो पिच हम बनाते हैं, उसके मुताबिक तैयारी करना भी तो जरूरी है।
दक्षिण अफ्रीका के खिलाड़ियों ने भारत के हालात के हिसाब से होमवर्क किया था। वहीं, भारतीय खिलाड़ियों की बॉडी लैंग्वेज में कमी दिखी। टेस्ट क्रिकेट में सिर्फ प्रतिभा नहीं, बल्कि पिच रीडिंग और लंबी तैयारी चाहिए होती है।
कोच गौतम गंभीर पर सवाल उठने के मामले में मनिंदर ने कहा कि कोच सिर्फ गाइड कर सकते हैं, मैदान में लड़ाई खिलाड़ियों को ही लड़नी होती है। हार की जिम्मेदारी कोच पर डालना गलत है। खिलाड़ी उतरे थे, उन्हें ही मैच जीतना था। गंभीर की सोच आक्रामक और साफ है। खिलाड़ी मैदान पर योजना को लागू नहीं कर पाए।
उन्होंने बच्चों को फास्ट फूड से दूर रहने, नियमित खेलकूद में शामिल होने और अनुशासन को सफलता की कुंजी बताया। उन्होंने माता-पिता के लिए सलाह दी कि बच्चों और माता-पिता के बीच संवाद (कम्युनिकेशन) सबसे जरूरी है। आज की पीढ़ी डिजिटल स्क्रीन में उलझ गई है। बातचीत बढ़ेगी तो बच्चे सही दिशा में बढ़ेंगे।
आगरा के बारे में पूछने पर उनके चेहरे पर मुस्कान आ गई। मनिंदर ने कहा कि यहां के लोग बहुत स्वीट हैं। जब भी समय मिलता है, मैं आगरा जरूर आता हूं। यहां की मेहमाननवाजी दिल को छू लेती है।