ताजमहल में शहंशाह शाहजहां और मुमताज महल की कब्रों को देखने के लिए पर्यटकों को 200 रुपये का टिकट अलग से खरीदना होगा। मुख्य मकबरे को देखने के लिए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने अलग से शुल्क लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
एएसआई ने प्रारंभिक अधिसूचना जारी कर दी है और लोगों से इस पर आपत्ति और सुझाव के लिए 28 अक्तूबर की तारीख तय की है। एक महीने पहले 8 अगस्त को ही एएसआई ने ताजमहल समेत आगरा और दिल्ली के स्मारकों का प्रवेश टिकट महंगा किया है।
संस्कृति मंत्रालय ने प्राचीन संस्मारक तथा पुरातत्वीय स्थल और अवशेष (संशोधन) नियम 2018 की अधिसूचना जारी करते हुए ताजमहल के मुख्य मकबरे के लिए अलग से टिकट की दरें तय की हैं।
यह देश में पहला मौका है जब किसी स्मारक के प्रवेश और अंदर के हिस्सों के लिए अलग से टिकट खरीदना होगा। 28 अक्तूबर तक आपत्तियों को मांगा गया है। इसके बाद ही भारतीय पुरातत्व सर्र्वेक्षण किसी भी दिन प्रवेश टिकट वसूलना शुरू कर देगा।
250 रुपये में पूरा ताज देखेंगे भारतीय
नई अधिसूचना के लागू होने के बाद ताजमहल में भारतीय पर्यटकों से पूरा ताज देखने के लिए 250 रुपये, विदेशियों को 1300 और सार्क तथा बिम्सटेक देशों (अफगानिस्तान, बांग्लादेश, भूटान, मालदीव, नेपाल, पाकिस्तान, श्रीलंका, म्यांमार, थाईलैंड) के पर्यटकों से 740 रुपये वसूले जाएंगे। एक महीने पहले 8 अगस्त को ही भारतीयों का प्रवेश टिकट 40 से 50, विदेशियों का एक हजार से 1100 रुपए किया गया है।
दो साल में 12 गुना महंगा हुआ ताज का दीदार
दो साल पहले ताजमहल में भारतीयों का प्रवेश टिकट 20 रुपये था, लेकिन अब स्टेप टिकटिंग के बाद 250 रुपये चुकाने होंगे। इसी तरह विदेशियों का प्रवेश टिकट 250 से बढ़ाकर अब 1100 रुपये तक हो गया है। एएसआई ने ताज के साथ ही दिल्ली के लाल किले के लिए भारतीयों का टिकट 50 और विदेशियों के लिए 600 रुपये करने का प्रस्ताव दिया है।
ताज देखने के लिए ये होगा शुल्क
क्षेत्र - भारतीय - विदेशी - सार्क
प्रवेश टिकट - 50 - 1100 - 540
मुख्य मकबरा - 200 - 200 - 200
कुल टिकट - 250 - 1300 - 740