रेलवे ने कोरोना के संक्रमण से बचाव के लिए तमाम इंतजाम किए हैं, लेकिन आगरा कैंट स्टेशन के रनिंग रूम और लॉबी में आज भी लोको पायलट व गार्डों की हाजिरी बायोमैट्रिक से लगाई जा रही है। ब्रीथ एनलाइजर का इस्तेमाल भी बंद नहीं किया गया है। रेल यूनियनों ने दोनों ही चीजों पर रोक लगाने की मांग की है।
रेलवे बोर्ड के निर्देश पर स्टेशनों पर प्लेटफार्म से लेकर ट्रेनों तक में सैनिटाइजेशन, पोस्टर और उद्घोषणा से लोगों को कोरोना के प्रति जागरूक किया जा रहा है। लेकिन अपने ही विभागीय कर्मचारियों के प्रति विभाग लापरवाही बरत रहा है।
सरकारी व निजी दफ्तरों में संक्रमण फैलने से रोकने के लिए बायोमैट्रिक हाजिरी एक मार्च से ही बंद हो गई थी, लेकिन आगरा कैंट के रनिंग रूम में लोको पायलट समेत अन्य रनिंग स्टाफ की हाजिरी बायोमैट्रिक से लगवाई जा रही है।
ब्रीथ एनलाइजर का इस्तेमाल भी बंद नहीं किया गया है। रोजाना 120 से 150 लोको पायलट व गार्ड आने जाने के दौरान बायोमैट्रिक व एनलाइजर का प्रयोग कर रहे हैं।
रेल यूनियन ने की थी मांग
एनसीआरईएस के मंडल अध्यक्ष अक्षयकांत शर्मा ने कोरोना वायरस के शुरुआती चरण में ही कैंट स्टेशन पर रनिंग रूम में बायोमैट्रिक हाजिरी व ब्रीथ एनलाइजर टेस्ट पर रोक लगाने की मांग की थी।