फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Ramadan 2026: माह-ए-रमजान 18 या 19 फरवरी से होने की उम्मीद, जानें पहला रोजा कब होगा?

Thu, 12 Feb 2026 09:06 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

Ramadan 2026 Date: रमजान को इस्लामी कैलेंडर का सबसे पवित्र और महत्वपूर्ण महीना मानते हैं। यह महीना रोजा रखने, आत्मचिंतन करने और अल्लाह की इबादत में खुद को समर्पित करने का होता है।
विज्ञापन
रमजान 2026 की तारीख - फोटो : Amar Ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

माह-ए-रमजान का पवित्र महीना 18 या 19 फरवरी से शुरू होना है। इसके लिए तैयारियां तेज हो गई हैं। इस बार भारतीय हाफिज-ए-कुरान की मांग न केवल देश में, बल्कि दुनिया के कई इस्लामिक और पश्चिमी देशों में तेजी से बढ़ी है। ये बातें हिंदुस्तानी बिरादरी के अध्यक्ष डॉ. सिराज कुरैशी ने कही।
विज्ञापन


उन्होंने बताया कि दुबई, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और यूके जैसे देशों में भारतीय युवाओं की इबादत और उनकी तिलावत (पढ़ने का तरीका) की गूंज सुनाई देगी। भारतीय हाफिजों की सुरीली और शुद्ध तिलावत के चलते दुबई, हॉलैंड, इंडोनेशिया, श्रीलंका और यूनाइटेड किंगडम से बुलावा आया है। उन्होंने बताया कि बरेली स्थित इस्लामिक स्टडी सेंटर और यूपी के विभिन्न मदरसों से हाफिजों को तरावीह के लिए आमंत्रित किया गया है।

भारत बना दीनी तालीम का बड़ा केंद्र
डॉ. सिराज कुरैशी ने इसे गौरव का विषय बताते हुए कहा कि यह आश्चर्यजनक है कि कई इस्लामिक देशों में हाफिजों की कमी है, जबकि भारत के लगभग हर जिले में दर्जनों हाफिज उपलब्ध हैं। उन्होंने बरेली के ‘मरकज-ए-अहले सुन्नत’ को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तालीम का महत्वपूर्ण केंद्र बताया। आगरा के ग्रामीण और शहरी मदरसों के युवा भी बड़ी संख्या में देश-विदेश की मस्जिदों में खिदमत के लिए रवाना हो रहे हैं।
विज्ञापन


चांद नजर आया तो उसी रात से तरावीह
सचिव जियाउद्दीन ने बताया कि यदि 18 फरवरी को चांद नजर आता है तो उसी रात से तरावीह शुरू होगी और 19 को पहला रोजा होगा। चांद 19 को दिखने की सूरत में 20 फरवरी को पहला रोजा रखा जाएगा। हाफिज अरकान कुरैशी ने कहा कि परिवार में हाफिज का होना अल्लाह की विशेष रहमत है। बिरादरी के वाइस चेयरमैन विशाल शर्मा ने कहा कि भारतीय हाफिजों का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिलना हमारी गौरवशाली सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत की पहचान है। यह महीना आत्मसंयम और आपसी भाईचारे का संदेश देता है।
विज्ञापन


 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें