अमेरिका के दूसरी बार राष्ट्रपति बने डोनाल्ड ट्रंप ही नहीं, बल्कि अब तक तीन अमेरिकी राष्ट्रपतियों की यादें ताजमहल से जुड़ी हुई हैं। आजादी के 12 साल बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डी. आइजनहॉवर सबसे पहले आगरा आए थे। उनके 41 साल बाद मार्च 2000 में बिल क्लिंटन ताजमहल का दीदार करने पहुंचे। 20 साल के लंबे अंतराल के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति के रूप में डोनाल्ड ट्रंप पत्नी और बेटी के साथ ताजमहल देखने आए थे। इन तीनों ही राष्ट्रपतियों के ताज से जुड़े अनुभव एएसआई की विजिटर बुक में संभाल कर रखे गए हैं।
राष्ट्रपति आइजनहॉवर
- फोटो : अमर उजाला
ताज के साथ लड़ामदा गांव गए थे आइजनहॉवर
9 से 14 दिसंबर 1959 तक छह दिवसीय भारत यात्रा पर आए तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति आइजनहॉवर 13 दिसंबर को आगरा आए थे। प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के साथ आइजनहॉवर ताजमहल के साथ लड़ामदा गांव पहुंचे थे। वह खुली कार में गांव पहुंचे। ताजमहल में उनकी कार फोरकोर्ट के अंदर पहुंची थी। लड़ामदा गांव में प्रधानमंत्री ने आइजनहॉवर का स्वागत गांव की महिलाओं से कराया था। उन्हें कहा था कि अमेरिका खेती के मामले में पैदावार बढ़ाने में हमारी मदद कर रहा है। यह बड़े देश के राष्ट्रपति हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन
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ताज से पर्यावरण का दिया था क्लिंटन ने संदेश
मार्च 2000 में अमेरिकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन अपनी बेटी चेल्सी के साथ ताजमहल देखने आए थे। वह भी छह दिनी भारत यात्रा पर आए थे। क्लिंटन ने ताजमहल के पूर्वी गेट स्थित होटल ताज खेमा से दुनिया को पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया था। यहां उनके साथ विदेश मंत्री जसवंत सिंह भी थे। क्लिंटन ने खेरिया से ताज तक आते हुए किसी को न देखकर आगरा को भूतिया शहर की संज्ञा दी थी। वह अमेरिकी राष्ट्रपति पद से हटने के बाद भी तत्कालीन सांसद अमर सिंह के साथ ताजमहल देखने दोबारा आए थे।
ट्रंप ने पत्नी, बेटी के साथ निहारा था ताज
24 फरवरी 2020 को अमेरिकी राष्ट्रपति के रूप में डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी पत्नी मेलानिया ट्रंप, बेटी इवांका और दामाद जेरेड के साथ ताजमहल का दीदार किया था। उनकी यादें ताजमहल से जुड़ी रही हैं। ट्रंप ने तब एएसआई की विजिटर बुक में लिखा था कि ''ताज महल हमें चकित और प्रेरणा देता है। यह भारत की संस्कृति की विभिन्नता और संपन्नता की शानदार विरासत है। थैंक्यू इंडिया। चार साल पहले ताज देखने आए ट्रंप की यात्रा के दौरान 3000 से ज्यादा कलाकार वीवीआईपी रूट के किनारे सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश करने के लिए आए थे।
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