अंतरराष्ट्रीय गोष्टी में मौजूद हिंदी भाषाविद्
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आगरा के डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के कन्हैयालाल माणिकलाल मुंशी हिंदी एवं भाषा विज्ञान विद्यापीठ (केएमआई) की ओर से रविवार को हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में ऑनलाइन अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित की गई। इसका विषय ‘हिंदी का वैश्विक परिदृश्य: दशा और दिशा’ था।
संगोष्ठी में नार्वे के साहित्यकार सुरेश चंद्र शुक्ल ने कहा कि नार्वे के मूल निवासियों का भी हिंदी से बहुत लगाव है। हिंदी शिक्षण के लिए यहां विद्यालय चल रहे हैं। सरकार विद्यालयों को खोलने के लिए नि:शुल्क स्थान उपलब्ध कराती है।
लंदन के ऑक्सफोर्ड शहर में रहने वाले डॉ. पद्मेश गुप्त ने कहा कि लंदन में भारतीय विद्या भवन और अन्य स्वैच्छिक संस्थाएं हिंदी शिक्षण के लिए साप्ताहिक कक्षाएं लगाती हैं। विदेशी मूल के जो विद्यार्थी यहां हिंदी पढ़ने आते हैं, वह दिल से हिंदी को सीखना चाहते हैं। वह भारत से और भारतीय संस्कृति से प्रेम करते हैं।