बारिश में यमुना उफान पर है। जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। बल्केश्वर में मंगलवार शाम को एक मकान की दीवार गिर पड़ी। गनीमत रही कोई जनहानि नहीं हुई है। सिंचाई विभाग की टीम ने क्षतिग्रस्त मकान का मुआयना किया। साथ ही तटवर्ती इलाकों में बाढ़ को लेकर अलर्ट जारी किया है।
मथुरा में खतरे के निशान पर यमुना
गोकुल बैराज से मंगलवार को 50730 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। मथुरा में यमुना खतरे के निशान पर पहुंच गई है। प्रयागराज घाट पर खतरे का निशान 165.20 मीटर है। मंगलवार शाम को यमुना यहां 165 मीटर पर बह रही थी। इधर, वॉटर वर्क्स पर लाल निशान 495 फुट है। शाम 6 बजे यमुना जलस्तर 492.70 फुट था। ताजेवाला बैराज से 22103 और ओखला से 21348 क्यूसेक पानी यमुना में प्रवाहित हो रहा है। ऐसे में अगले दो दिन यमुना और उफान ले सकती है। यमुना किनारे बसे 40 गांव में बाढ़ का खतरा हो सकता है।
सिंचाई विभाग ने किया अलर्ट
बाढ़ नियंत्रण कक्ष प्रभारी राकेश बाबू ने बताया कि बल्केश्वर में क्षतिग्रस्त हुए मकान की जांच कराई जा रही है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचने की अपील की गई है। उन्होंने बताया कि खतरे के निशान से यमुना वॉटर वर्क्स पर अभी दो फुट दूर है। उधर, पिनाहट में चंबल भी रौद्र रूप धारण कर रही है। पिनाहट में मंगलवार शाम 6 बजे चंबल का जलस्तर 120 मीटर था। 130 मीटर पर बाढ़ आती है। सिंचाई विभाग ने सभी बाढ़ चौकियों को अलर्ट किया है।