संभागीय परिवहन कार्यालय में ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने वालों की संख्या में तीन दिन में दोगुना इजाफा हो गया है। तीन दिन में साढ़े पांच हजार लाइसेंस बनाए जा चुके हैं। पुलिस लाइन में वाहन चालक का टेस्ट देने के लिए भी दोगुने आवेदक पहुंच रहे हैं।
24 फरवरी से सारथी 4.0 साफ्टवेयर के अपडेट होने के कारण चार दिन तक काम बंद रहेगा। ऐसे में शुक्रवार को अस्थायी और स्थायी लाइसेंस बनवाने के लिए भीड़ लगी हुई है।
संभागीय परिवहन कार्यालय में ड्राइविंग लाइसेंस के साफ्टवेयर सारथी 4.0 को लागू किया जाना है। इसके लिए एनआईसी की टीम 24 फरवरी की सुबह से काम शुरू कर देगी।
28 फरवरी तक ड्राइविंग लाइसेंस से संबंधित सभी कार्य बंद रहेंगे। एक और दो मार्च का अवकाश है। ऐसे में छह दिन तक आरटीओ में ड्राइविंग लाइसेंस के कार्य बंद रहेंगे।
सारथी साफ्टवेयर के तहत आवेदन कर चुके आवेदकों की फीस नये साफ्टवेयर में नहीं आएगी। ऐसे में पुराने आवेदकों को पुन: फीस जमा करनी होगी। एक सप्ताह पहले ग्यारह हजार आवेदक ऐसे थे।
जिन्होंने फीस तो जमा की थी, लेकिन कार्य अधूरा छोड़कर चले गए थे। किसी ने टेस्ट नहीं दिया था तो किसी का बायोमैट्रिक नहीं हुआ था।
आवेदकों की खासी भीड़ रही
संभागीय निरीक्षक सुधीर वर्मा ने बताया कि तीन दिन में पुराने आवेदकों ने अपने लाइसेंस के लिए टेस्ट और अन्य कार्य निपटाए। तीन दिन में साढ़े पांच हजार लोगों ने स्थायी और अस्थायी लाइसेंस बनवाए हैं।
गुरुवार तक 5132 आवेदक ही ऐसे बचे थे, जिनकी फीस जमा है, लेकिन उन्होंने औपचारिकताएं पूर्ण नहीं की हैं, उनके लिए शुक्रवार को आखिरी मौका है।
आरटीओ के ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने का काम रोजामार्टा फर्म के कर्मचारियों के पास है। चूंकि छह दिन के लिए डीएल बनाना बंद किया जा रहा है। ऐसे में गुरुवार को अस्थायी (प्रशिक्षु) और स्थायी लाइसेंस बनवाने को आवेदकों की खासी भीड़ सुबह से शाम तक रही।
ज्यादातर लोग स्थायी लाइसेंस और नवीनीकरण के लिए आए थे। आरटीओ के दोनों पटलों पर लोगों की समस्या के समाधान के लिए आरआई ने एक कर्मचारी की ड्यूटी लगाई।