राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने गांवों में शाखाओं का विस्तार करने की योजना पर काम शुरू किया है। समरसता संगम में इसकी रफ्तार को तेज किया जा रहा है। एक तो देहात से बड़ी संख्या में स्वयंसेवक बुलाए गए हैं।
दूसरा इन्हें गणवेश धारण कराने पर जोर है। इसके लिए 45 लाख आबादी वाले इस जनपद में 80 पंजीकरण केंद्र बनाए गए हैं। इन पर संघ के पदाधिकारी फीते लेकर बैठे हैं जो माप लेकर गणवेश तैयार करा रहे हैं।
सभी 15 ब्लॉक में पंजीकरण पदाधिकारी तैनात किए गए हैं। इसका रिस्पांस भी बेहद सकारात्मक है। शहर में संघ की शाखाएं जितनी तेजी से फैल रही हैं, देहात में वैसी तेजी नहीं है। इस कारण देहात पर इतना जोर दिया जा रहा है।
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संघ का मकसद ज्यादा से ज्यादा किसानों को जोड़ना है। केंद्र सरकार ने आम बजट में कृषि पर फोकस किया। इससे संघ का काम कुछ आसान हो गया है।
संघ ने देहात में विस्तार के लिए और भी काम किए हैं। उन शाखाओं की सूची बनाई है जो लगना बंद हो चुकी हैं। इन्हें फिर से शुरू किया जाएगा। इस विस्तार का मकसद मिशन 2019 की तैयारी ही माना जा रहा है।
जैसे केंद्र सरकार का फोकस कृषि पर है, वैसे ही संघ भी कदम से कदम मिलाकर चल रहा है। यही संदेश गांवों तक देने की तैयारी लग रही है। चुनाव में इसके और भी फायदे हो सकते हैं। देहात के बूथों पर स्वयंसेवकों की मजबूत टीम रहेगी तो मतदान प्रतिशत पर भी प्रभाव पड़ेगा।
दलित बस्तियों में भी पैंठ बढ़ाई जाएगी
समरसता संगम का मकसद दलित बस्तियों में संघ की पैंठ बढ़ाना भी है। इसके लिए भी काफी होमवर्क किया गया है। धर्म जागरण और सेवा भारती के माध्यम से सामाजिक सद्भाव को बढ़ाने का काम होगा।
दलित बस्तियों में धर्मांतरण के खिलाफ भी बिगुल बजाया जाएगा। ईसाई मिशनरीज के एजेंडे से भी लोगों को आगाह किया जाएगा। समरसता संगम में संतों के साथ महिलाओं को शामिल करना भी इसी एजेंडे का का हिस्सा बताया जा रहा है।