प्रमुख बुलियन कारोबारी फर्म एसबी ऑर्नामेंट्स के दिल्ली और आगरा समेत 11 ठिकानों पर गुरुवार दोपहर 12:30 बजे आयकर की इन्वेस्टीगेशन विंग की टीमों ने छापेमारी शुरू की। सर्च में 60 अधिकारियों की छह टीमें लगी हुई हैं। रात दो बजे तक भी कार्रवाई जारी थी। नोटबंदी के एलान केबाद फर्म के सोना-चांदी बिक्री और खरीद के तमाम रिकार्ड खंगाले जा रहे हैं। कंप्यूटर डाटा की स्टडी के साथ बैंक खातों की पूरी डिटेल का बारीकी से अध्ययन चल रहा है।
दिनेश चंद्र सिंघल और राजेश अग्रवाल की चौबेजी के फाटक पर एसबी ऑर्नामेंट्स के नाम से चांदी की पायल का कारोबार है। फर्म सोने और चांदी के आयात का काम भी करती है। शहर की चांदी आयात की सबसे बड़ी फर्म बताई जाती है। तकरीबन एक दशक पुरानी फर्म के आफिस दिल्ली, चेन्नई, चंडीगढ़ में भी हैं। गुरुवार दोपहर तकरीबन साढे़ 12 बजे आयकर विभाग की छह टीमों ने सभी जगह एक साथ कार्रवाई की। डायरेक्टर के आवास नेहरू नगर में हैं। रात के दो बजे तक भी टीमें फर्म में डटी थी। सभी आयकर टीमों के साथ पुलिस फोर्स मौजूद है।
शहर में यहां लगे छापे
आगरा में चौबेजी का फाटक, संजय प्लेस, रघु आर्केड, सिटी स्टेशन रोड, नेहरू नगर और घटिया स्थित कार्यालय और आवासों पर सर्च हुई। सभी जगह टीमों ने संभलने का भी मौका नहीं दिया। जाते ही सर्च शुरू कर दी।
आला अफसर रहे शामिल
छापों में संयुक्त निदेशक (जांच) अमरीश तिवारी, डिप्टी डायरेक्टर (जांच) राजेश गुप्ता समेत बड़ी संख्या में अधिकारी शामिल रहे। सर्च से पहले पूरा होमवर्क किया गया था।
रीयल स्टेट का भी काम
फर्म के बारे में जानकारी रखने वाले लोगों ने बताया कि फर्म का रीयल स्टेट का भी काम है। हाल ही में फर्म ने संजय प्लेस पर एक आलीशान होटल भी खरीदा है।
42 दिन का रिकार्ड खंगाला
50 से ज्यादा किए सवाल
आगरा। आयकर विभाग की छापामार टीमों ने सर्च की कार्रवाई पूरे होमवर्क के बाद की है। माना जा रहा है कि छापे के बाद बड़ी कामयाबी हाथ लग सकती है। अफसरों ने नोटबंदी के एलान के बाद से 21 दिसंबर तक की खरीद और बिक्री का पूरा रिकार्ड खंगाला है। यह देखा जा रहा है कि 42 दिनों में कितना सोना-चांदी आयात किया गया, कितना बेचा गया? फर्म से किसने कितना सोना खरीदा? कितना चेक से और कितना कैश से?
कंप्यूटरों के डाटा को देखा जा रहा है। डिलीट किए जा चुके डाटा की रिकवरी के लिए हार्ड डिस्क खुलवाई गई है। फर्म की तमाम फाइलों का एक एक पन्ना पलट रहे हैैं अफसर। निदेशकों से 50 से भी ज्यादा सवाल किए गए हैं।
बिक्री और खरीद का ट्रेंड भी देखा जा रहा है। नोटबंदी से पहले क्या ट्रेंड था और इसके बाद क्या हुआ? इसके लिए खातों का मिलान किया जा रहा है। बैंक में नोट जमा कराने का हिसाब देखा जा रहा है। आठ नवंबर से पहले कितनी रकम जमा होती थी और इसकेबाद कितनी जमा कराई गई। आठ नवंबर की रात तक कितना सोना था? इसके बाद कितना रहा?