दिवाली से ऐन पहले सर्वे से धमाका करने के बाद आयकर विभाग ने त्योहार के ठीक बाद फिर सर्वे की कार्रवाई शुरू कर दी। बुधवार को शहर के तीन कारोबारियों पर आयकर कार्रवाई की गई, जिसमें सेनेटरी और बाथरूम फिटिंग्स के शोरूम रूपसंस, लोहा कारोबार में विधीचंद्र और तिल कारोबार में आरपी इंडस्ट्रीज पर सर्वे किया गया।
देर रात तक आयकर विभाग के तीन दर्जन अधिकारी और निरीक्षक अघोषित आय से जुड़े कागजातों की जांच करने में जुटे रहे। संयुक्त आयकर आयुक्त रेंज-2 ने दिवाली के बाद तीन इकाइयों पर सर्वे की कार्रवाई की। दोपहर बाद शुरू हुई आयकर कार्रवाई में तीन दर्जन अधिकारियों ने चार परिसरों पर सर्वे किया।
इनमें रूपसंस के बोदला-सिकंदरा रोड और जयपुर हाउस स्थित शोरूम, विधीचंद्र के मदिया कटरा शोरूम और आरपी इंडस्ट्रीज पर कार्रवाई की गई। यह पहला मौका है जब लोहा कारोबारी, बाथरूम फिटिंग्स शोरूम और तिल कारोबारी पर सर्वे किया गया हो। चारों परिसरों से आयकर अधिकारियों ने कंप्यूटर और बिल के साथ कई कागजात कब्जे में ले कर जांच शुरू की है। आयकर सूत्रों की मानें तो तीनों इकाइयों से करोड़ों की कर चोरी सामने आ सकती है।
बीएसए आफिस पर टीडीएस सर्वे
कानपुर के आयकर आयुक्त टीडीएस एके त्रिपाठी के निर्देश पर अपर आयकर आयुक्त एसके सिन्हा के निर्देशन में आयकर विभाग की टीडीएस टीम ने बेसिक शिक्षा विभाग कार्यालय पर टीडीएस का सर्वे किया।
बेसिक शिक्षा विभाग ने अप्रैल से अक्तूबर तक दो तिमाही गुजरने के बाद भी टीडीएस नहीं कटवाया है, जबकि विभाग से 6000 से ज्यादा शिक्षकों का वेतन, मिड डे मील और छोटे कांट्रेक्ट जारी होते हैं।
आयकर विभाग की टीम ने बीएसए के एकाउंटेंट से तीन सालों का रिकार्ड तलब किया है। सर्वे करने वाली टीम का नेतृत्व आयकर अधिकारी डा. एस के अरेला ने किया। उनकी टीम में आयकर निरीक्षक टीके दास, शिव कुमार, सुनील सक्सेना, अजय श्रीवास्तव और कन्हैया लाल मौजूद रहे।