पूरे 48 घंटे बाद आयकर विभाग की इन्वेस्टिगेशन विंग ने चार शहरों में तीन बुलियन समूहों के 31 परिसरों पर सर्च और सर्वे की कार्रवाई पूरी कर ली। बड़ी मात्रा में बेनामी संपत्तियों के कागजात आयकर अधिकारियों के हाथ लगे हैं।
इस दौरान तीनों समूहों से करोड़ों की बोगस एंट्री भी मिली है। सर्च पूरी होने के बाद भी इन तीनों समूहों की जांच लंबी चलेगी। नोटबंदी में किए गए खेल का ज्यादातर हिसाब मिल गया है, वहीं जांच के बाद तीनों समूहों के खिलाफ बड़ी टैक्स चोरी का मामला बन सकता है।
प्रधान आयकर निदेशक जांच अमरेंद्र कुमार के निर्देशन में और संयुक्त निदेशक जांच तरुण कुशवाह की निगरानी में आयकर छापा 48 घंटे तक चला। शनिवार की सुबह 6 बजे सर्च की जगह पीओ (प्रोहिबिटरी आर्डर) लगाकर आयकर अधिकारी कागजातों को लेकर चले आए।
123 करोड़ की बोगस एंट्री के सबूत
आयकर सूत्रों के मुताबिक मथुरा के आरएस बुलियन के पास कई बेनामी संपत्तियां मिली हैं और फरीदाबाद में गोल्ड रिफाइनरी भी मिली है। नोटबंदी के दौरान 123 करोड़ रुपये की बोगस एंट्री के सबूत मिले हैं।
आरएस बुलियन की संपत्तियों को आयकर विभाग ने अटैच कर लिया है। मुंबई की वैनिटी ज्वैलर्स जैसी बोगस कंपनियों के जरिए उससे जुड़े सराफा व्यापारियों ने काले धन को सफेद किया था।
आगरा में अजय अवागढ़ के पास से 55-60 करोड़ रुपये की बोगस एंट्री मिली हैं। बुलियन के जरिए काले धन को सफेद करने की हैरतअंगेज प्रक्रिया का भी खुलासा हुआ है।
कसमें खाई, रोया और दर्द बताता रहा कारोबारी
सबसे ज्यादा चांदी का आयात करने वाले बुलियन कारोबारी सुशील चौहान के पास से 25 करोड़ की एंट्री पाई गई है। सबसे ज्यादा कागजात सुशील चौहान से ही मिले हैं। आयकर विभाग के अधिकारी सबसे ज्यादा चौहान के परिसर में ही परेशान हुए।
वो कभी बच्चों की कसमें खाता तो कभी रोता रहा, कभी दर्द बताता रहा। विभागीय छापे में निर्मल जैन समेत आठ सराफा व्यापारियों ने सुशील चौहान के साथ कारोबार को स्वीकार किया है। आयकर विभाग ने सभी कागज, कंप्यूटर और 24 परिसर सील कर दिए हैं।
एक दिन में बनाए 4500 वाउचर
आयकर छापे में बुलियन कारोबारी के पास जो कागजात मिले, उसमें एक ही दिन के 4500 वाउचर हैं। अधिकारी भी हैरान है कि महज 24 घंटे में इतने वाउचर कैसे बना दिए गए। इसी तरह की गड़बड़ी मथुरा के आरएस बुलियन ने की थी, जिसमें एक ही दिन में 37 करोड़ रुपये की फुटकर बिक्री दिखा दी थी।
नोटबंदी के दौर में बेशक बुलियन कारोबारियों ने सीसीटीवी रिकार्डिंग को खराब कर दिया, लेकिन उनके खेल का पूरा ब्यौरा आयकर अधिकारियों के पास है। अगले सप्ताह पीओ हटाकर जांच शाखा फिर से परिसरों में कार्रवाई शुरू करेगी।