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आयकर ने 5000 स्कूल-कॉलेजों को भेजे नोटिस, सरकार को लगा रहे करोड़ों का चूना

Fri, 12 Oct 2018 02:24 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
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आयकर विभाग
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आयकर विभाग ने ट्रस्ट और सोसाइटी बनाकर टैक्स की चोरी करने वाले आगरा रेंज के 5000 स्कूल-कॉलेजों को नोटिस जारी किए हैं। आगरा रेंज के आठ जिलों आगरा, मथुरा, फिरोजाबाद, इटावा, औरेया, झांसी, ललितपुर और जालौन में ऐसे प्राइवेट स्कूल, कॉलेजों से एक सप्ताह में जवाब मांगा गया है कि वो रिटर्न दाखिल कर रहे हैं या नहीं।
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अगर रिटर्न भर रहे हैं तो पैन कार्ड का ब्यौरा इन नोटिस में मांगा गया है। आयकर विभाग की छूट शाखा ऐसे स्कूल-कॉलेजों के खिलाफ पूरा ब्यौरा भी जुटा चुकी है। नोटिस का जवाब आने के बाद उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

चिटफंड सोसायटी रजिस्ट्रार के बाद शहर के स्कूल और कॉलेज आयकर विभाग के भी निशाने पर आ गए हैं। विजया इंटरनेशनल स्कूल और एसआरएस मेडिकल कॉलेज में सर्वे के बाद आयकर विभाग की छूट शाखा ने उन स्कूलों पर शिकंजा कसा है, जो सोसाइटी के जरिए संचालित हैं और मोटा पैसा इधर से उधर करने में लगे हुए हैं। 
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देना होगा खर्च का पूरा हिसाब

छूट शाखा के अधिकारियों के मुताबिक स्कूलों की सोसाइटी के नाम जितनी भी संपत्ति है, उसकी जांच के साथ ही खर्च का पूरा हिसाब लिया जाएगा। यह भी देखा जाएगा कि क्या सोसाइटी नियम के मुताबिक नो प्रॉफिट-नो लॉस में काम कर रही हैं। कई स्कूल पूरी तरह से नियमों को दरकिनार कर आयकर अधिनियम के तहत विशेष छूट का लाभ उठा रहे हैं और आयकर रिटर्न तक दाखिल नहीं कर रहे।

सोसायटी रजिस्ट्रार से मांगा ब्यौरा

छूट शाखा के ज्वाइंट कमिश्नर आरकेंद्र सिंह के निर्देश पर आयकर अधिकारी विजय सिंह ने सोसायटी रजिस्ट्रार के पास रजिस्टर्ड एनजीओ, सोसाइटी और ट्रस्ट का ब्यौरा मांगा था जो विभाग को सौंप दिया गया। इस सूची में शामिल सोसाइटी और ट्रस्ट पर आयकर विभाग का शिकंजा कसेगा। इंटर कॉलेजों के बाद डिग्री कॉलेजों के ट्रस्ट, सोसाइटीज को नोटिस जारी किए जाएंगे। कुछ दिन पहले ही विभाग ने डीआईओएस से स्कूलों की सूची मांगी थी, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई।

शैक्षिक संस्थाओं की इमारत में लगा काला धन
ट्रस्ट बनाकर शैक्षिक संस्थानों की इमारतों में बड़े पैमाने पर बजट खर्च किया जा रहा है। आयकर विभाग के अधिकारियों के मुताबिक इसमें काफी काला धन लगा है। प्राइवेट स्कूलों की जमीन खरीदारी व भवन निर्माण में काला धन होने की आशंका है। ज्यादातर स्कूल और सोसाइटीज तो आयकर रिटर्न भर ही नहीं रहे हैं। जो भर भी रहे हैं, उनमें से ज्यादातर कच्चे बिलों का सहारा लेकर बड़े पैमाने पर टैक्स चोरी कर रहे हैं।
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इनकी संपत्ति का मूल्यांकन

आयकर विभाग छूट शाखा ने बुधवार को विजय सिंह के विजया इंटरनेशनल स्कूल और हरिराम भदौरिया के एसआरएस आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज पर सर्वे किया था। रजिस्ट्रेशन न होने के कारण दोनों संस्थानों पर किसी फर्म की तरह कार्रवाई की जाएगी। इन दोनों की संपत्तियों, भवनों का मूल्यांकन कराया जाएगा। विभाग ने उनसे जमीन और इमारत में हुए खर्च का रिकार्ड मांगा है। 

पीएफ भी कर चुका विजया इंटरनेशनल पर कार्रवाई
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने दो साल पहले विजया इंटरनेशनल स्कूल पर छापा मारा था, जिसमें भारी अनियमितताएं सामने आईं थी। स्कूल प्रबंधन ने तब भी पीएफ अधिकारियों के स्कूल में प्रवेश पर दुर्व्यवहार किया था। 

पीएफ कमिश्नर की सख्ती के बाद स्कूल पर पीएफ की कार्रवाई अंजाम तक पहुंची थी। भविष्य निधि संगठन में भी स्कूल का रजिस्ट्रेशन नहीं था और न ही आयकर विभाग की छूट शाखा में स्कूल को संचालित कर रहे ट्रस्ट ने पंजीकरण कराया।
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