अब तक कमाई पर नजर रखने वाला आयकर विभाग अब लोगों के खर्च के पैटर्न की निगरानी कर काली कमाई पकड़ने में जुट गया है। विभाग ने आगरा मंडल के करीब 70 अधिकारियों-कारोबारियों को नोटिस भेजकर उनके बैंक खातों में सिर्फ रकम आने और उससे न निकलने पर जवाब-तलब किया है। विभाग यह जानना चाह रहा है कि जब बैंक खातों से रकम निकल नहीं रही तो वह अपना दैनिक खर्च कैसे पूरा कर रहे हैं।
विभाग को शक है कि इस काम में काली कमाई का उपयोग हो रहा है। दरअसल, आयकर विभाग ने भी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से लैस सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल शुरू कर दिया है। इसके जरिये लाखों बैंक खातों के लेनदेन की जानकारी को अधिकारी एक कमांड देकर खंगाल ले रहे हैं और जानकारी जुटा रहे हैं। कुछ समय पहले रैंडम सेलेक्शन के आधार पर सर्वर ने कुछ ऐसे पैनधारकों को चिह्नित किया जिनके बैंक खातों में नकद जमा तो हुआ लेकिन निकासी नहीं हुई।
विभाग की थ्योरी है कि यदि कोई व्यक्ति जीवित है तो उसका भोजन, बिजली और आवागमन पर खर्च होना तय है। ऑनलाइन जमाने में अगर बैंक खाते से एक भी रुपया नहीं निकल रहा तो संभव है कि वह नकद और आयकर विभाग की नजर से बचाकर की जा रही आय से ही खर्च कर रहा है। विभाग को संदेह है कि अपनी घोषित आय को बैंक में जमा कर ये लोग बेनामी नकदी से अपनी जीवनशैली चला रहे हैं। यदि इन 70 लोगों ने अपने खर्चों का संतोषजनक वित्तीय स्रोत नहीं बताया तो उनके खिलाफ आगे जांच बढ़ाई जाएगी।
कुछ दंपती भी फंसे
विभागीय सूत्रों के अनुसार कुछ ऐसे सरकारी व निजी क्षेत्र के अधिकारियों-कर्मचारियों को भी नोटिस गया हैं जिनके पति या पत्नी भी काम करते हैं। ऐसे में उनसे भी जवाब मांगा गया है। खाते से एक भी रुपये न निकलना नकद लेन-देन और अघोषित आय से व्यय की ओर इशारा कर रहा है।