एक्सप्रेस-वे या नेशनल हाईवे पर हादसों की प्रमुख वजह अधिकतर वाहनों की तेज रफ्तार ही होती है, क्योंकि वाहन चालक निर्धारित गति सीमा का पालन नहीं करते। अब पुलिस ऐसे वाहन चालकों पर सख्ती करने जा रही है। इसके लिए रोजाना पुलिस स्पीड रडार गन से चेकिंग करेगी। वाहनों के चालान काटने के साथ ही चालकों को जागरूक भी किया जाएगा।
एसीपी यातायात इमरान अहमद ने बताया कि सड़क दुर्घटनाओं में हर साल सैकड़ों लोगों की जान चली जाती है। हादसों का प्रमुख कारण तेज गति से वाहन चलाना सामने आता है। एक्सप्रेस-वे और हाईवे पर गति निर्धारण होने के बावजूद कई बार चालक पालन नहीं करते हैं। इनको रोकने के लिए यातायात पुलिस को छह स्पीड रडार गन उपलब्ध कराई गई हैं।
यमुना, लखनऊ एक्सप्रेस-वे और एनएच-19 पर ओवर स्पीडिंग रोकने के लिए रडार गन के साथ पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया। एक्सप्रेस-वे पर हल्के और दो पहिया वाहनों के लिए निर्धारित गति 60 किमी प्रति घंटा, भारी वाहनों के लिए 80 और कार के लिए 100 किमी प्रति घंटा निर्धारित है।
एक्सप्रेस-वे और हाईवे के लिए चार दो पहिया वाहन और दो चार पहिया वाहनों पर स्पीड रडार गन उपलब्ध कराई गई है। इससे वाहन का फोटो खींचने के बाद चालान काटा जाएगा। मैसेज के माध्यम से चालान की जानकारी वाहन चालक के पास भी पहुंच जाएगी। रडार दूर से ही वाहन की सटीक गति को माप लेते हैं, जिससे नियमों का उल्लंघन करने वाले चालकों की पहचान करना और उन पर कार्रवाई करना आसान होगा।
इन बातों का रखें ध्यान
- यमुना एक्सप्रेस-वे और अन्य हाईवे पर निर्धारित गति सीमा का कड़ाई से पालन करें।
- वाहन चलाते समय सीट बेल्ट का प्रयोग करें और दोपहिया वाहन पर हेलमेट अवश्य पहनें।
- लेन ड्राइविंग के नियमों को समझें और जिम्मेदारी से वाहन चलाएं।