आयकर विभाग की टीम सोमवार को किरावली सब रजिस्ट्रार कार्यालय में सर्वे के लिए पहुंची। इस दाैरान जमीन की खरीद-फरोख्त से जुड़ी जानकारी इकट्ठा की। पिछले छह महीने में हुई रजिस्ट्री की जानकारी न भेजने पर विभाग ने यह कदम उठाया।
किरावली और आसपास के क्षेत्र में बड़े पैमाने पर हो रही जमीन की खरीद-फरोख्त के बीच किरावली सब रजिस्ट्रार कार्यालय में सर्वे के लिए सोमवार दोपहर आयकर विभाग की टीम पहुंच गई। अचानक पहुंची टीम ने देर रात तक चली कार्रवाई के दौरान काफी दस्तावेज और डिजिटल उपकरण व डाटा अपने कब्जे में ले लिया। पिछले छह महीने में हुई रजिस्ट्री की जानकारी न भेजने पर विभाग ने यह कदम उठाया।
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नियमानुसार 30 लाख रुपये से ज्यादा की जमीन की खरीद से जुड़ी जानकारी रजिस्ट्री कार्यालय को आयकर विभाग से साझा करनी होती है। सूत्रों के अनुसार लंबे समय से काफी बिल्डर किरावली और उसके आसपास के क्षेत्र में जमीन की खरीद कर रहे हैं।
एक अनुमान के मुताबिक बिल्डरों ने करीब 50 करोड़ से ज्यादा की जमीन पिछले छह महीने में खरीदी है, लेकिन रजिस्ट्री कार्यालय ने एक चौथाई खरीद की जानकारी भी आयकर विभाग से साझा नहीं की। इसी के बाद सोमवार को अचानक आयकर अधिकारी वरुण गोयल के नेतृत्व में आयकर निरीक्षक संतोष केसरी व शुभम जायसवाल व कार्यालय अधीक्षक राजकुमार सोनी रजिस्ट्री कार्यालय पहुंच गए।
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सभी को कार्यालय के अंदर रोककर खुद दस्तावेजों को जांचना शुरू कर दिया। सूत्रों ने बताया कि जांच के दौरान गड़बड़ी दिखने पर जांच टीम ने दस्तावेजों और उपकरणों को कब्जे में ले लिया।