आगरा। हादसे में शून्य मृत्यु दर जिला बनाने के लिए क्रिटिकल काॅरिडोर टीमों ने काम शुरू कर दिया है। दिल्ली-आगरा हाईवे और आगरा-ग्वालियर हाईवे पर हादसे रोकने के लिए सर्वे के बाद संरक्षा के इंतजाम कराए जा रहे हैं। सिकंदरा में पुलिस ने डिवाइडर की रेलिंग पर बने 30 कट बंद करा दिए हैं। स्टाॅप लाइन, रंबल स्ट्रिप्स बनाने का काम भी किया जा रहा है।
बुधवार को अपर पुलिस आयुक्त राम बदन सिंह ने बैठक कर इस बारे में दिशा-निर्देश भी दिए।अपर पुलिस उपायुक्त यातायात हिमांशु गाैरव ने बताया कि हरीपर्वत सर्किल के सिकंदरा, न्यू आगरा और कमला नगर क्षेत्र में सबसे अधिक हादसे होते हैं। यहां पर हाईवे के पास की काॅलोनियों से लोगों का आवागमन होता है। छोटे वाहन भारी वाहनों की चपेट में आ जाते हैं।
सिकंदरा की क्रिटिकल काॅरिडोर टीमों ने हाईवे पर सुरक्षा के इंतजाम देखे थे। इसमें सामने आया कि हाईवे के डिवाइडर पर बनी रेलिंग से कई कट बना लिए गए हैं। हालांकि मेट्रो के काम की वजह से आईएसबीटी से सिकंदरा तक डिवाइडर पर बैरिकेडिंग की गई है। मगर, वाटरवर्क्स से खंदारी और सिकंदरा से रुनकता तक रेलिंग के बीच की जगह से लोग निकल रहे थे।
इस पर एनएचएआई अधिकारियों से पत्राचार किया गया। इसके बाद रेलिंग के 30 कट को बंद करा दिया गया। इसके साथ ही टी-जंक्शन पर 2 स्टाॅप लाइन बनाई गईं। स्पीड लिमिट की जानकारी वाले 2 बोर्ड, 7 रेड लाइट ब्लिंकर, 2 हजार्ड सिग्नल लगाए गए हैं। अवैध तरीके से खड़े होने वाले वाहनों को रोका भी जा रहा है। वहीं सैंया के तेहरा पर रंबल स्ट्रिप्स का निर्माण कराया गया।
जिले में 212 क्रिटिकल दुर्घटना बाहुल्य क्षेत्र
जिले में 212 क्रिटिकल दुर्घटना बाहुल्य क्षेत्र चिह्नित किए गए हैं। इन लोकेशन पर रोड इंजीनियरिंग से लेकर अन्य बदलाव करने के लिए 17 क्रिटिकल काॅरिडोर टीम बनाई गई हैं। इन टीम का कार्य हादसों के कारण का पता करना। उस स्थान पर सुरक्षा के इंतजाम करना है। आगरा-दिल्ली हाईवे के साथ ही ग्वालियर हाईवे, शमसाबाद मार्ग, फतेहाबाद मार्ग, खंदाैली मार्ग, बरहन रोड पर अत्यधिक हादसे होते हैं। इन पर भी टीम सर्वे के बाद संरक्षा के कार्य कराएंगीं।