मथुरा में थाना मांट क्षेत्र के गांव मांट मूला में मंगलवार को यमुना नदी में नहाने उतरे तीन युवकों की डूबने से मौत हो गई। घटना से गांव में कोहराम मच गया और सैकड़ों ग्रामीण यमुना की ओर दौड़ पड़े। घंटों तलाश के बाद ग्रामीणों ने पानी में डूबे तीनों शव बरामद कर लिए। अभी दो युवक और डूबे बताए गए हैं, जिनकी तलाश की जा रही है।
बताया गया है कि मांट मूला के छांहरी में बीते सात दिनों से भागवत कथा चल रही थी। सोमवार 29 मई को कथा का समापन हुआ था। मंगलवार 30 मई की सुबह 11 बजे बड़ी संख्या में महिला और पुरुष कथा के कलशों का विसर्जन करने गए। ये सभी बंशीवट के समीप यमुना नदी पर कलश विसर्जन को पहुंचे थे।
कलश विसर्जन में साथ गए गांव के जितेंद्र कुमार पुत्र फूल सिंह,जोगेंद्र पुत्र देवी सिंह, वकील पुत्र बाबूलाल, राकेश पुत्र लालाराम और गौरव पुत्र विजेंद्र सिंह नहाने के लिए यमुना में घुस गए। नहाते समय पांचों युवक पानी में डूबने लगे।
गौरव तो किसी तरह सुरक्षित निकल कर बाहर आ गया। लेकिन उसके साथ नहा रहे चारो युवक गहरे पानी में समा गए। साथियों को डूबा देख गौरव ने शोर मचाना शुरू कर दिया। जिससे विसर्जन को आए महिला और पुरुष डूबते युवकों को बचाने के लिए चीख-पुकार मचाने लगे। जिसे आसपास खेतों पर काम कर रहे किसान दौड़ पड़े।
उधर युवकों के डूबने की सूचना पर परिजनों समेत सैकड़ो ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। तैराक ग्रामीणों ने डूबे युवकों की तलाश को यमुना में छलांग लगा दी। कुछ ग्रामीण ट्यूब लेकर यमुना के पानी में उतर गए। पानी का बहाव तेज होने से डूबे युवकों की तलाश में ग्रामीणों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही थी।
काफी तलाश के बाद सबसे पहले जितेंद्र (17) का शव बरामद हुआ। हालांकि उसे अस्पताल तक ले गए लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। एक घंटे बाद ग्रामीणों ने पानी में डूबे योगेंद्र (19) का शव ढूंढ़ कर निकाल लिया। दोपहर बाद तीसरे युवक राकेश (18) का शव भी मिल गया। वकील (18) के अलावा एक अज्ञात युवक के डूबने की चर्चा बनी हुई है। इनकी तलाश में ग्रामीणों के अलावा गोताखोर लगे हुए हैं। पानी के बहाव को देखते हुए वृंदावन पांटून पुल पर जाल भी बिछा दिया है। लेकिन शाम चार बजे तक इनके शव बरामद नहीं हुए थे।