डेडीकेटेड फ्रेट कारीडोर में चलने वाली मालगाड़ी अब बिना गार्ड के चलेंगी। गार्ड के स्थान पर नई तकनीक एंड आफ ट्रेन टेलमेट्री यंत्र (ईओटीटी) के जरिए ट्रेन की जानकारी ट्रेन के लोको पायलट के कैब में डिस्प्ले पर दिखाई देगी।
वहीं गार्ड्स को स्टेशन उपाधीक्षक के पद पर भेजा जाएगा। ऐसे में लोको पायलटों की जिम्मेदारी और बढ़ जाएगी। रेल मंत्रालय ट्रेनों के आखिरी डिब्बे में चलने वाले गार्डों के स्थान पर नई तकनीक का इस्तेमाल शुरू करने जा रहा है।
इसके तहत आठ हजार से ज्यादा रेल गार्डों को समायोजित कर स्टेशनों पर स्टेशन उपाधीक्षक के पद पर भेजा जाएगा। इसका पहला प्रयोग डेडीकेटेड फ्रेट कारीडोर में चलने वाली गुड्स ट्रेनों में होगा।