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मालगाड़ी में गार्ड की जगह लेगी ये तकनीक, प्रयोग सफल रहा तो होंगे ये बदलाव

Fri, 13 Oct 2017 03:27 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला आगरा
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मालगाड़ी - फोटो : वीडियो स्क्रीशॉट
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डेडीकेटेड फ्रेट कारीडोर में चलने वाली मालगाड़ी अब बिना गार्ड के चलेंगी। गार्ड के स्थान पर नई तकनीक एंड आफ ट्रेन टेलमेट्री यंत्र (ईओटीटी) के जरिए ट्रेन की जानकारी ट्रेन के लोको पायलट के कैब में डिस्‍प्ले पर दिखाई देगी। 
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वहीं गार्ड्स को स्टेशन उपाधीक्षक के पद पर भेजा जाएगा। ऐसे में लोको पायलटों की जिम्मेदारी और बढ़ जाएगी। रेल मंत्रालय ट्रेनों के आखिरी डिब्बे में चलने वाले गार्डों के स्थान पर नई तकनीक का इस्तेमाल शुरू करने जा रहा है। 

इसके तहत आठ हजार से ज्यादा रेल गार्डों को समायोजित कर स्टेशनों पर स्टेशन उपाधीक्षक के पद पर भेजा जाएगा। इसका पहला प्रयोग डेडीकेटेड फ्रेट कारीडोर में चलने वाली गुड्स ट्रेनों में होगा।
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लोको पायलट की बढ़ेगी जिम्मेदारी

ईओटीटी तकनीक में ट्रेन के आखिरी डिब्बे की जानकारी लोको पायलट के केबिन में लगे डिसप्ले पर दिखाई देगी। ऐसे में लोको पायलटों की जिम्मेदारी और बढ़ जाएगी। मालगाड़ी में ट्रायल सफल होने के बाद यात्री ट्रेनों में इस तकनीक का प्रयोग शुरू होगा। 

एनसीआरएमयू के शाखा सचिव हरिओम भारद्वाज का कहना है कि ट्रेनों में ईओटीटी सिस्टम लागू होने से लोको पायलटों को और एकाग्रता से काम करना पड़ेगा, उनकी जरा सी असावधानी हादसे का सबब बनेगी। ऐसे में पूरी ट्रेन की जिम्मेदारी अब लोको पायलट और सहायक पायलट की होगी।
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