सपा का एक और किला ढहाने के लिए भाजपा ने शुक्रवार को जिला पंचायत अध्यक्ष विजय प्रताप यादव छोटू के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की रणनीति को अंजाम दिया। जिला पंचायत के 33 सदस्यों में से 21 सदस्यों ने डीएम को शपथपत्र देते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष के प्रति अविश्वास व्यक्त।
यूपी में सत्ता बदलने के साथ भाजपा एक-एक करर सपा के किले ढहाने की रणनीति को अंजाम देने में जुट गई है। सबसे पहले जसराना ब्लाक प्रमुख रामपाल सिंह यादव के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया। बुधवार को नारखी ब्लाक प्रमुख डा. दिनेश यादव के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव दाखिल किया गया।
शुक्रवार को जिला पंचायत अध्यक्ष विजय प्रताप यादव छोटू के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव दाखिल किया गया। कई दिनों से पूर्व मंत्री ठाकुर जयवीर सिंह के सिरसागंज स्थिति आवास पर रणनीति बन रही थी। खास बात यह है कि सपा से जुड़े रहे क्षत्रप ही इस रणनीति को मुकाम तक पहुंचाने में सहयोगी बने हैं।
शुक्रवार दोपहर भाजपा के वरिष्ठ नेता और विधायकों के साथ 21 जिला पंचायत सदस्य कलेक्ट्रेट पहुंचे और डीएम को शपथ पत्र दिए। डीएम ने शपथ पत्रों को बारीकी सेे देखने के साथ सदस्यों की मौजूदगी को भी चेक किया।
इस अवसर पर पूर्व मंत्री ठाकुर जयवीर सिंह, विधायक मनीष असीजा, विधायक रामगोपाल लोधी, विधायक डा. मुकेश वर्मा, जिलाध्यक्ष बीएल वर्मा, पूर्व विधायक रामवीर यादव, पूर्व जिलाध्यक्ष नानकचंद्र अग्रवाल, डा. लक्ष्मी नरायन यादव, अरविंद्र पचौरी, अतुल प्रताप सिंह, पवन दीक्षित, महेश पूरन उपस्थित थे।
शपथ पत्र पर हस्ताक्षर करने वालों में कायम सिंह, राकेश, बबली, श्याम सिंह, अमोल यादव, अनुजेश प्रताप सिंह, सियाराम, सुनील प्रताप, अनिल प्रताप सिंह, सुल्तान सिंह, मंजू, आशादेवी, कुंवर विजय, रामसियादेवी, मीरादेवी, ओमवती, विनोद कुमार, विमल कुमार, रेखादेवी, बबली और शोभादेवी शामिल हैं।