दवा बेच रहे हैं, साथ में प्रोटीन पाउडर, दूध के पैकेट जैसे अन्य प्रोडक्ट भी हैं। ऐसे में अगर फूड लाइसेंस नहीं है तो मुकदमा दर्ज हो सकता है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) ने लाइसेंस लेने के लिए दवा संगठनों को नोटिस भेजा है।
दूध के पैकेट, प्रोटीन पाउडर, प्रोटीन कैप्सूल या फिर जिन प्रोडक्ट पर भारतीय खाद्य सुरक्षा मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) की मुहर दर्ज है, इनको बेचने के लिए एफएसडीए से फूड लाइसेंस लेना जरूरी है। जबकि 90 फीसदी दवा विक्रेता बिना इस लाइसेंस के ही दवाएं बेच रहे हैं।
दरअसल, जिले में लगभग 3500 फुटकर मेडिकल स्टोर हैं। 800 के करीब थोक दवा के प्रतिष्ठान हैं। इनको कई बार विभाग ने लाइसेंस लेने के लिए मौके दिए, इसके बावजूद भी लाइसेंस लेने को तरजीह नहीं दी। अब विभाग इनके खिलाफ जांच शुरू कर रहा है।