कासगंज। नगर में तमाम लोग कोरोना की जांच नहीं करा रहे। दूसरे बुखार, खांसी व कोरोना जैसे लक्षणों की अन्य परेशानियों का इलाज भी किसी चिकित्सक की सलाह से नहीं ले रहे। इस वजह से कोरोना के शिकार गंभीर अवस्था में पहुंच रहे हैं। महामारी के इस समय में हर किसी को सावधान रहने की जरूरत है। यदि खांसी बुखार, गले में दर्द व अन्य लक्षण होते हैं तो तत्काल चिकित्सक से संपर्क कर दवा लें। कोरोना की जंाच अवश्य कराएं लेकिन जांच के परिणाम आने से पहले चिकित्सक से दवा और सलाह दोनों ले लें। इससे कोरोना संक्रमित मरीज दूसरी स्टेज में जाने से पहले ही ठीक हो सकते हैं। संक्रमण दूसरे लोगों में न फैले ऐसी स्थिति में हर व्यक्ति को बुखार आते ही अपने घर में आइसोलेट होना चाहिए ताकि अन्य लोग संक्रमण की चपेट में न आ सकें।
6वां दिन है खतरनाक- डॉ. माहेश्वरी
- आईएमए के अध्यक्ष डॉ. राजकुमार माहेश्वरी का कहना है कि इस महामारी में जागरूकता और सावधानी बेहद जरूरी है। एक तो लोग कोरोना की गाइडलाइन का पालन नहीं कर रहे। दूसरे यदि उन्हें खांसी, बुखार, गले में दर्द आदि की शिकायत होती है तो वे समय से दवाएं नहीं ले रहे। यदि कोई भी संक्रमित व्यक्ति लक्षणों के आधार पर समय से अपना इलाज शुरू करा ले तो गंभीर परिणामों से बचा जा सकता है। कई लोग बुखार आने पर स्वयं दवा लेने लगते हैं और खुद को ठीक समझने लगते हैं। जबकि कोरोना संक्रमित व्यक्ति का 6वां दिन बहुत महत्वपूर्ण है। यदि दवाइयों लेने के बाद 6वें दिन बुखार आता है तो संक्रमण दूसरे स्टेज की ओर बढ़ने लगता है। शहरी इलाके में जहां लोग लापरवाही कर रहे हैं। वहीं ग्रामीण इलाकों में यह स्थिति और खराब है। कई मरीज काफी हालत बिगडने पर आते हैं। इसलिए कोरोना जांच जरूर कराएं, लेकिन जांच रिपोर्ट के इंतजार में न बैठे, इलाज पहले लें।
कोरोना को लेकर गंभीर बनें लोग, डरें नहीं- डॉ. गुप्ता
- शहर के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. सुरेंद्र गुप्ता का कहना है कि कोरोना संक्रमण को पहले चरण में आसानी से ठीक किया जा सकता है। यदि लोग जागरूक रहें और तुरंत ही अपना उपचार शुरू करा लें तो गंभीर स्थिति से बचाव हो सकता है। पहले तो कोरोना संक्रमण के शिकार होने से बचने का प्रयास करें। मास्क लगाएं, सामाजिक दूरी का ख्याल करें और अपने हाथ साबुन से बार बार धोएं। इसके बावजूद यदि कोरोना का कोई लक्षण बुखार, खांसी आदि का होता है तो तुरंत चिकित्सक को दिखाकर दवाएं लें। संक्रमण को शुरूआत में ही रोकना जरूरी है। जिसके लिए लोग कतई न डरें न घबराएं, अपनी जांच कराएं और डॉक्टर की सलाह से दवाएं ले। यह सबसे बेहतर तरीका है लेकिन लोगों को महामारी को लेकर गंभीर होना पड़ेगा। इसमें लापरवाही उचित नहीं है।