मैनपुरी। जय मां इंस्टीट्यूट ऑफ एजूकेशन, अंबानगर खर्रा की एनएसएस इकाई का सात दिवसय शिविर गांव खर्रा में लगया गया। तीसरे दिन जल संरक्षण पर चर्चा करते हुए ग्रामीणों को पानी बचाने के लिए जागरूक किया। कार्यक्रम अधिकारी डॉ. ललित सिंह चौहान ने कहा कि पानी के बिना जीवन की कल्पना संभव नहीं है।
जिला कार्यक्रम अधिकारी स्वयं सेवियों को साथ पूर्व माध्यमिक विद्यालय खर्रा पहुंचे। यहां जल संरक्षण के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि जल मानव जीवन का अमूल्य प्राकृतिक साधन है। जल के बिना जीवन जीना दुष्कर है। उन्होंने अपील की कि जरूरत होने पर ही पानी का उपयोग करें। पानी को व्यर्थ में बर्बाद न करें और न होने दें। बौद्धिक सत्र में कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि जल की बचत ही हमारे जीवन की भविष्य की बचत है।
जिसको कंकरीट की बोरिंग से, वाटर हार्वेस्टिंग, टेंको से, अपने आने वाले भविष्य के लिए भविष्य निधि के रूप में इस अमूल्य धरोहर को बचाने में पूर्ण सहयोग करें व दूसरों को प्रेरित भी करेें। स्वयं सेवियों ने टोली बनाकर घर-घर जागरूक जल संरक्षण के लिए लोगों से अपील की। इस अवसर पर शिवानी, सरिता, दीक्षा, ज्योति, पूनम, रिंकी, निशा, रंजना, गरिमा, र्कीती, प्रिया, लता, सुधा, सोहनी, सोनम, रविंद्र, दीपक, प्रवेश आदि लोग मौजूद रहे।