फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आईएमए के आह्वान पर निजी चिकित्सक रहे हड़ताल पर

विज्ञापन
कासगंज में बैठक करते आईएमए के चिकित्सक - फोटो : KASGANJ
विज्ञापन
कासगंज। आयुर्वेद डॉक्टरों को सर्जरी का अधिकार देने के फैसले के खिलाफ शुक्रवार को ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन के आह्वान पर निजी चिकित्सकों ने हड़ताल रखी। उन्होंने अपने क्लीनिक बंद रखे। केवल इमरजेंसी सेवाएं हीं चालू रखी गईं। चिकित्सकों की हड़ताल से रूटीन के मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
विज्ञापन

हड़ताल पर रहते हुए चिकित्सकों ने बैठक करके सरकार के निर्णय का विरोध करते हुए कहा कि मिक्सोपैथी को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। आईएमए शाखा के संरक्षक डॉ. अखिलेश गौड़ ने आयुर्वेदिक चिकित्सकों को सर्जरी का अधिकार देने का विरोध करते हुए कहा कि मोदी सरकार को यह फैसला वापस लेना चाहिए। ये मिक्सोपैथी व्यवस्था को स्वीकार नहीं किया जाएगा। आईएमए प्रेसीडेंट डॉ. आरके माहेश्वरी ने कहा कि सरकार ने यह गलत निर्णय लिया है। इससे मरीजों का अहित होगा। क्योंकि आयुर्वेदिक शिक्षकों को सर्जरी का कोई प्रशिक्षण नहीं है। इस मिक्सोपैथी व्यवस्था से मरीजों का बड़ा अहित होगा। आईएमए के चिकित्सक सरकार के इस निर्णय का पूरी तरह से विरोध करते हैं।
सरकार यदि यह निर्णय वापस नहीं लेती तो आगे भी विरोध किया जाएगा। आईएमए के सचिव डॉ. सिद्धार्थ गोविल ने भी आयुष चिकित्सकों को सर्जरी करने की अनुमति देने के निर्णय का विरोध करते हुए इसे मानव जीवन के खिलाफ बताया। उन्होंने कहा कि सरकार ने निर्णय लेने से पहले इसके बारे में गहन मंथन नहीं किया है। जिसका परिणाम है कि सरकार ने गलत निर्णय लिया है। डॉ. अजय गोविल, डॉ. प्रवीन अग्रवाल, डॉ. संदीप गुप्ता, डॉ. प्रवेश माहेश्वरी सहित अन्य चिकित्सकों ने भी सरकार के निर्णय का विरोध करते हुए वापस लेने की मांग की।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें