पुलिस की पूछताछ में आरोपी सुभाष ने बताया कि वो 15 साल से तमंचे बना रहा है। उसके पिता बच्चू सिंह भी तमंचे बनाते थे। उनकी मौत के बाद वह यह काम करने लगा। सुभाष तमंचे बनाने के लिए बेलनगंज के बाजार से सामान खरीदकर लाता था। लोकेंद्र और हाकिम तैयार तमंचों को बेचने का काम करते हैं।
तमंचों को ग्रामीण क्षेत्र में बेचने के लिए लेकर जाते थे। सुभाष 500 से अधिक तमंचे बना चुका है। तीनों लोग 2000 से ज्यादा तमंचे बेच चुके हैं। सुभाष चार बार जेल जा चुका है। छूटते ही तमंचे बनाने में लग जाता है।
आरोपी लोकेंद्र बसई जगनेर थाने का हस्ट्रीशीटर है। उसकी हिस्ट्रीशीट नंबर 13ए खुली हुई है। लोकेंद्र के खिलाफ करीब 15 मुकदमे दर्ज हैं। लोकेंद्र ही तमंचे लेकर जाता था। वह 15 साल से यह काम करने में लगा हुआ है। तीनों का आपराधिक रिकॉर्ड पुलिस देख रही है।