कोतवाली और एमएम गेट क्षेत्र के बाजार में एसटीएफ और औषधि विभाग की टीम चार दिन से कार्रवाई में जुटी है। दो फर्मों के आधा दर्जन से अधिक गोदामों पर जांच की गई। इसके बाद टीम के रडार पर नकली दवाओं के अवैध धंधे से जुड़े तकरीबन 20 से अधिक लोग आ गए हैं। इनके बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। पूर्व में जेल भेजे गए आरोपियों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
शहर में नकली और सैंपल दवाएं कई बार पकड़ी जा चुकी हैं। कोतवाली के बाजार से पूरा खेल चलता है। सिकंदरा और जगदीशपुरा में नकली दवाओं की फैक्टरी पकड़ी गई थी। गोदाम तक पर कार्रवाई की जा चुकी है। पंजाब, दिल्ली और राजस्थान की टीमें आगरा में छापेमारी कर चुकी हैं। पूर्व में कई फर्म के संचालक और कर्मचारियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। इस बार भी टीम की कार्रवाई के बाद इस खेल से जुड़े लोग भूमिगत हो गए हैं। इनके बारे में एसटीएफ को गोपनीय सूचनाएं मिल रही हैं।
दवा बाजार से जुड़े लोग टीमों को जानकारी दे रहे हैं। यह सब बता रहे हैं कि काैन सा कारोबारी कितने समय में ज्यादा बड़ा कारोबार करने लगा? किसने अधिक पैसा कमाया है? किसका कारोबार ज्यादा फैल गया? इसके बाद टीम के रडार पर व्यापार से जुड़े 20 से अधिक लोग आ गए हैं। इनके नाम मुकदमे में नहीं हैं। हालांकि, टीम जल्द कार्रवाई कर सकती है। इन सभी के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। सहायक आयुक्त नरेश मोहन दीपक ने बताया कि कार्रवाई लगातार चल रही है। सूचना पर टीम में कार्य कर रही है। इस अवैध कारोबार में जो भी संलिप्त होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
आरोपियों के घर लगा ताला
डीसीपी सिटी सोनम कुमार ने बताया कि जांच टीम को रिश्वत की पेशकश करने के आरोपी दवा कारोबारी को जेल भेज दिया गया है। पूरे मामले में एसटीएफ ने कार्रवाई की है। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें लगी हैं। आरोपी कुरियर कंपनी के संचालक फरार हो गए हैं। उन्हें घर पर ताला लगा हुआ है। वहीं लखनऊ की फर्म की जांच के लिए अलग टीम को लगाया गया है।