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यमुना का सीना चीर रहे खनन माफिया, मथुरा से आगरा तक फैला है गैरकानूनी धंधा

Mon, 17 Aug 2020 12:20 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा

सार

  • ट्रैक्टर-ट्रॉली ही नहीं, ऊंट गाड़ी और भैंसा बुग्गी से भी होती बालू की ढुलाई, पुलिस नहीं करती कार्रवाई   
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मथुरा में बालू के सौदागर रातों-रात यमुना का सीना चीरकर मोटी कमाई करते हैं। इनका धंधा केवल मथुरा ही नहीं, आगरा तक फैला हुआ है। इस धंधे में अधिकतर ट्रैक्टर-ट्रॉली का इस्तेमाल किया जाता है। कई घाटों पर खुलेआम ऊंट गाड़ी और भैंसा बुग्गी से यमुना की बालू खनन कर ढोई जाती है। पुलिस के लचर रवैया से खनन माफिया के हौसले बुलंद हैं।   

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फरह क्षेत्र में चार घाटों के आसपास से माफिया यमुना से बालू खनन करते हैं। ये कंजौली घाट, गढ़ाया घाट, फरह सलेमपुर और भदाया घाट हैं। यहां से भारी मात्रा में यमुना से बालू निकालकर सप्लाई की जाती है। सिर्फ मथुरा ही नहीं, बल्कि बालू खनन माफिया आगरा तक सक्रिय हैं। पुलिस ने कभी भी ऊंट गाड़ी के खिलाफ कार्रवाई नहीं की है। 


ऐसा नहीं है कि खनन माफिया ने पुलिस पर पहली बार हमला बोला हो, इससे पहले भी कई बार खाकी पर हमले के दुस्साहस हो चुके हैंलेकिन पुलिस इनके खिलाफ कोई कठोर कार्रवाई नहीं करती। इसलिए इनके हौसले बुलंद हैं। एसपी सिटी उदयशंकर सिंह ने बताया कि इस दफा खनन माफिया चाहे कहीं के हों, कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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2008 से चार बार हुआ पुलिस पर हमला

फरह में एक मई 2008 में खनन माफिया ने पुलिस पर फायरिंग की गई थी। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई तो की, परंतु कुछ दिन बाद फिर से खनन चालू हो  गया। वर्ष 2019 में कंजौली घाट पर चौकी इंचार्ज और सिपाही के साथ मारपीट की गई थी। 

इसी वर्ष सितंबर 2019 में सलेमपुर घाट पर भी पुलिसकर्मियों के साथ खनन माफिया ने मारपीट की। अब 14 अगस्त, 2020 को खनन माफिया ने एक बार फिर से पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट की गई है।


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