आगरा में सार्वजनिक स्थानों और चौराहों पर अवैध रूप से होर्डिंग लगाने वालों के खिलाफ नगर निगम नोटिस से आगे की कार्रवाई नहीं कर पा रहा। सूरसदन तिराहे से लेकर कचहरी, संजय प्लेस, यमुनापार, फतेहाबाद रोड तक चौराहों-तिराहों को होर्डिंग से पाटकर विज्ञापन एजेंसियां लाखों का मुनाफा कमा रही हैं। इसके बावजूद निगम न तो इन एजेंसियों पर कार्रवाई कर जुर्माना वसूल रहा, न ही होर्डिंग हटाए जा रहे हैं।
नगर निगम क्षेत्र में होर्डिंग लगाने पर निर्धारित टैक्स देना होता है। चूंकि निगम के पास इन अवैध होर्डिंग का कोई रिकॉर्ड नहीं होता, इसलिए इनसे होने वाले नुकसान का भी आंकलन निगम नहीं करता। एक अनुमान के मुताबिक निगम को हर साल करीब दो करोड़ रुपये का नुकसान इन अवैध होर्डिंग की वजह से उठाना पड़ रहा है। नगर निगम समय-समय पर एजेंसियों को नोटिस देकर अपनी खानापूर्ति कर लेता है।
नगर आयुक्त ने दी थी कार्रवाई की चेतावनी
पिछले हफ्ते नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल ने अवैध होर्डिंग के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए थे। सहायक नगर आयुक्त अशोक प्रिय गौतम ने कार्रवाई के लिए टीमें भी गठित करने का एलान किया। हालांकि विशेष पुनरीक्षण के चलते एक भी टीम ने कहीं भी कार्रवाई नहीं की है।