ताजमहल के आसपास अवैध निर्माणों का सिलसिला थम नहीं रहा है। स्मारक के प्रतिबंधित 500 मीटर दायरे में धड़ल्ले से अवैध निर्माण हो रहे हैं। ताजा निर्माण कुत्ता पार्क के पास एक लॉज में और चौक कागजीयान में एक मकान में चल रहा है। स्मारक की दीवार से सटे मकान में मरम्मत के नाम पर नई छत डाली जा रही है।
विश्वदाय स्मारक ताजमहल के साथ-साथ इसके आसपास के क्षेत्र के पुरातात्विक महत्व को देखते हुए यहां यथा स्थिति बनाए रखने के आदेश दिए गए थे। इसके चलते स्मारक के 500 मीटर दायरे में निर्माण कार्य पर रोक लगा दी गई थी। जो भवन जिस स्थिति में है, वैसा ही रहेगा।
ऐसा इसलिए भी किया गया था, ताकि देशी-विदेशी मुगलकालीन क्षेत्र के बारे में किताबों के तथ्यों को साक्ष्य के रूप में देख सकें। मगर, ऐसा हो नहीं सका। जिम्मेदार विभाग और अफसर आंखें बंद किए बैठे रहे और निर्माण होते रहे।
आंखें मूंदे बैठा एएसआई
पिछले कई दिनों से कुत्ता पार्क की ओर से पाठक प्रेस की ओर चलने पर एक लॉज में हरा पर्दा डालकर निर्माण कार्य कराया जा रहा है। चौक कागजीयान में तो खुलेआम में भवन निर्माण का कार्य चल रहा है। इसके बावजूद इन निर्माण कार्यों को रोका नहीं जा रहा है।
ताजमहल के प्रतिबंधित दायरे में धड़ल्ले से अवैध निर्माण होते हैं और एएसआई के अधिकारी आंखें मूंदे बैठे रहते हैं। जबकि निर्माण को रुकवाने की पहल उन्हीं को करनी है। उनकी नाक के नीचे अवैध निर्माणों का जाल फैलता जा रहा है और विभाग बेसुध है।
ज्यादा कुछ होता है तो पुलिस और प्रशासन को पत्र लिखकर सूचित कर देते हैं या फिर निर्माणकर्ता के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा देते हैं। मगर, तब तक काफी देर हो चुकी होती है। निर्माण कार्य पूरा हो चुका होता है।
एडीए इंजीनियरों की शह
ताजमहल के हो रहा अवैध निर्माण
- फोटो : अमर उजाला
आगरा विकास प्राधिकरण के जूनियर इंजीनियरों की जानकारी में यह निर्माण हो रहे हैं। मगर, वो कोई कार्रवाई नहीं करते। जब तक कि कोई वरिष्ठ अधिकारी हस्तक्षेप न करे। जो उनसे दूरी बनाकर चलता है उसका निर्माण नहीं होने देते। तमाम अवैध निर्माणों को नजरअंदाज कर हाल ही में शिल्पग्राम पार्किंग के पास एक होटल के बरामदे में रखे पत्थर के एक स्लैब को यह कहकर हटवा दिया कि यह अवैध है।
बिगड़ गई पुराने ताजगंज की सूरत
अवैध निर्माणों ने ताजगंज क्षेत्र की सूरत ही बिगाड़ दी है। पुरानी तस्वीरों में अधिकांश मकान एक-दो मंजिल के ही थे। मगर, ताजा तस्वीर देखेंगे तो यही मकान तीन-चार मंजिल हो गए हैं। वो भी प्रतिबंध लगने के बाद। जिम्मेदार विभागों की लापरवाही के चलते लोगों ने अवैध निर्माण कर लिए।
दूसरे स्मारकों के पास भी हो रहे अवैध निर्माण
ताज ही नहीं, अकबर टॉम्ब, मरियम टॉम्ब, फतेहपुर सीकरी आदि स्मारकों के प्रतिबंधित 100 मीटर दायरे भी धड़ल्ले से निर्माण हो रहे हैं। अकबर टूम के आसपास तो कालोनियां ही बस गईं। स्मारक के सामने होटलों का निर्माण हो गया।
एएसआई इन्हें रुकवाने की बजाय सिर्फ इनकी सूची तैयार करता रहा। हाल ही में प्रशासन को ऐसे ही एक लंबी-चौड़ी सूची दी है। बता दें कि इस प्रतिबंधित के चलते अकबर टूम के सामने राष्ट्रीय राजमार्ग पर फ्लाईओवर के निर्माण को अनुमति नहीं मिल सकी।
इस संबंध में मंडलायुक्त के राममोहन राव ने बताया कि ताज के प्रतिबंधित दायरे में कोई निर्माण नहीं हो सकता। इसके बावजूद ऐसा हो रहा है तो उसकी जांच कराई जाएगी। जिम्मेदार अफसरों से जवाब तलब किया जाएगा।