ताजमहल को प्रदूषण से बचाने के लिए आईआईटी कानपुर द्वारा की जा रही स्टडी अभी अधूरी है। अभी तक गर्मी में ताज को नुकसान पहुंचाने वाले वायु में मौजूद तत्वों का कलेक्शन करके लैब को भेजा गया है। सुप्रीम कोर्ट में विजन डाक्यूमेंट 18 नवंबर को पेश किया जाना है।
वहीं आगरा डेवलपमेंट फाउंडेशन के सचिव केसी जैन का कहना है कि जब ताजमहल की वायु प्रदूषण संबंधी स्टडी पूरी ही नहीं हो सकी है तो ऐसे में विजन प्लान कैसे दाखिल हो सकता है।
फाउंडेशन के सचिव ने एक आरटीआई के माध्यम से केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से ताजमहल पर आईआईटी कानपुर द्वारा की जा रही वायु प्रदूषण की स्टडी की प्रगति के बारे में जानकारी मांगी थी।