कासगंज। लोकसभा चुनाव में 40 से 59 वर्ष के मतदाताओं को नजर अंदाज करना किसी भी दल के लिए भारी पड़़ सकता है। क्योंकि तीनों विधानसभाओं इन इन मतदाताओं की हिस्सेदारी 34 फीसदी है। जो इस चुनाव में सियासत का रुख बदलने के लिए काफी है।
जिले में लोकसभा चुनाव का काउंटडाउन शुरू हो चुका है। सात मई को वोट डाले जाने हैं। चुनाव मैदान में 10 प्रत्याशी हैं। प्रत्याशी एक-एक वोट पर निगाह जमाए हैं। सभी प्रत्याशी हर वर्ग का वोट हासिल करने की कोशिश में जुटे हैं। राजनीतिक दलों की ओर से युवाओं से लेकर बुजुर्ग मतदाताओं तक को अपने पक्ष में लाने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगाया जा रहा है। लेकिन, इस चुनाव में सबसे अहम भूमिका 40 से 59 वर्ष आयु के मतदाता अदा करने जा रहे हैं। जिले की तीनों विधानसभाओं के 1047451 मतदाताओं में से 354827 मतदाता इस आयु वर्ग के ही हैं। माना जाता है कि इस आयु वर्ग के मतदाताओं को बेहद सोच समझकर वोट देते हैं। उनके पास पुराने अनुभव भी होते हैं और भावी पीढ़ी के लिए उम्मीदें भी रखते हैं। सबसे खास बात ये है कि इस आयु वर्ग के मतदाता मतदान में भी आगे रहते है। ऐसे में यदि कोई दल या प्रत्याशी इन मतदाताओं की अनदेखी करता है तो उसके लिए चुनाव मुश्किलों से भरा होगा।