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आईजी की कप्तानों को नसीहत, पुरानी घटनाओं के निपटारे को दिया एक महीने का समय

Thu, 16 Jan 2020 10:07 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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आईजी रेंज ए सतीश गणेश - फोटो : अमर उजाला
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आईजी रेंज ए सतीश गणेश ने मंगलवार को रेंज कार्यालय में चारों जिलों के अपराध की समीक्षा की। उन्होंने कप्तानों को निर्देश दिए कि एक साल से पुराने मुकदमों की जांच एक महीने के भीतर पूरी हो जानी चाहिए। आगरा में ऐसे लगभग 700 मामले हैं।
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आईजी ने कहा कि लंबित विभागीय जांच का भी समयबद्ध निस्तारण किया जाए। ऐसा नहीं होना चाहिए कि शिकायत मिलने के बाद जांच के आदेश तो कर दिए गए लेकिन यह पूरी ही नहीं की जा रही हैं। लंबित विभागीय जांच की समय-समय पर समीक्षा होनी चाहिए।

एससी/एसटी एक्ट के मामलों में पीड़ितों को आर्थिक सहायता प्राथमिकता के आधार पर दिलाई जाए। इन केस में आरोपियों की गिरफ्तारी शीघ्रता से होनी चाहिए। शराब माफिया, वन माफिया, खनन माफिया, भू माफिया के संबंध में भी समीक्षा की गई।
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आईजी ने कहा कि सभी माफिया पर कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। आईजी ने कहा कि इसी वर्ष प्रधानी के चुनाव होने हैं। इनकी तैयारी अभी से की जानी चाहिए। जिन गांवों में चुनावी रंजिश हैं, उन्हें चिह्नित किया जाए।

फिरोजाबाद, आगरा, मथुरा और मैनपुरी के एसएसपी ने मीटिंग में हिस्सा लिया। सभी ने बताया कि नागरिकता कानून के मुद्दे पर अब स्थिति पूरी तरह सामान्य है। आईजी ने कहा कि एहतियात जारी रहना चाहिए। खासतौर से खुफिया तंत्र को चौकस रखा जाए, ताकि हर सूचना समय से मिल जाए।

लंबित विवेचना के बारे में आगरा के एसएसपी बबलू कुमार ने बताया कि अभियान चलाकर इन्हें पूरा कराया गया है। छह महीने पहले तक तीन साल से ज्यादा पुराने भी 2500 केस लंबित थे। इनकी जांच पूरी कराई जाए। कुल 6000 जांच पूरी हो चुकी हैं। अब एक साल पुराने सभी मामलों की जांच भी अभियान चलाकर पूरी की जाएगी।
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